पटना। बिहार की राजधानी पटना में इंडिगो के मैनेजर रूपेश कुमार की हत्‍या को लेकर बिहार पुलिस की टीम अभी भी अन्य आरोपियों की तलाश में लगी है। बिहार पुलिस की एसआईटी ने मोतीहारी और बेतिया में छापेमारी की है।

कोर्ट के आदेश के बाद ऋतुराज बीते तीन दिनों तक पटना पुलिस की रिमांड पर रहा था। 16, 17, 18 फरवरी तक ऋतुराज पुलिस के रिमांड में रहा। इस दौरान अलग-अलग तरीके से एसटीएफ, सीआईडी और गठित एसआईटी की टीमों ने ऋतुराज से पूछताछ की।

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने ऋतुराज से घटना में इस्तेमाल हथियार, घटना में शामिल लोगों और इस वारदात से पहले कितनी घटनाओं को अंजाम दे चुका है जैसे सवाल पूछे। ऋतुराज से पूछताछ के बाद SIT ने सोमवार देर रात मोतीहारी और बेतिया के कई इलाकों में तबड़तोड़ छापेमारी की, लेकिन बड़ी कामयाबी हाथ नहीं लगी।

रूपेश हत्याकांड का आरोपी ऋतुराज का पुलिस के समझ कबूलनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट और वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद एसआईटी को अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी जांच में ऋतुराज और उसके साथियों द्वारा गोलियां चलाने की बात सामने आई है।

पुलिस के पास इसका पुख्ता सबूत है। रूपेश हत्याकांड में अब तक हुई फोरेंसिक जांच के बाद यह बात पूरी तरह से साबित हो चुकी है कि ऋतुराज और उसके साथियों ने ही रूपेश को शूट किया है।

बिहार की राजधानी पटना में हुई इस हाई प्रोफाइल हत्‍याकांड के बाद डीजीपी एसके सिंघल के निर्देश पर STF, CID और SIT को को जांच में लगाया गया है।

रूपेश हत्याकांड में 21 वें दिन पटना के एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी ने शूटर ऋतुराज को गिरफ्तार कर लिया था और इसके बाद SSP ने रोडरेज में इंडिगो मैनेजर की हत्या होने की बात कही थी।

उन्‍होंने बताया था कि इसे 4 अपराधियों ने अंजाम दिया और शरीर में कुल 6 पीलेट मिले थे। गिरफ्तार ऋतुराज के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया पिस्टल भी बरामद किया था।

ऋतुराज ने इंडिगो मैनेजर रूपेश को जिस हथियार से गोली मारी थी, उसे उसने मोतिहारी के एक अपराधी से खरीदी थी। यह अपराधी फिलहाल मोतिहारी जेल में बंद है। ऋतुराज ने SIT के समक्ष यह भी बताया कि वह किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने के तीन दिन पहले मोबाइल कॉलिंग बंद कर देता है। राउटर के द्वारा स्मार्टफोन को कनेक्ट कर सिर्फ वाट्सएप यूज करता था।

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