पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लोक जनशक्ति पार्टी की पहली और अहम बैठक रविवार को पटना स्थित लोक जनशक्ति पार्टी कार्यालय में चल रही है।

बैठक की अध्यक्षता खुद लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान कर रहे हैं। इस बैठक में पार्टी के 143 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने और उसमें मिली करारी हार सहित लोजपा के विधायक के जदयू में चले जाने को लेकर अहम चर्चा की जा रही है।

चिराग पासवान सहित उनकी पार्टी के कई नेता दूसरे दलों में चले गए हैं, ऐसे में पार्टी को बचाने और पार्टी के आगे की रणनीति को तैयार करने को लेकर यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पार्टी की बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि कुछ दिन पहले ही महिला एमएलसी नूतन सिंह ने भी लोजपा का दामन छोड़ते हुए बीजेपी ज्वाइन कर लिया था ऐसे में चिराग के समक्ष सबसे अहम चुनौती पार्टी और उसके नेताओं को एकजुट करने की है।

लोजपा बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा अब नहीं है, लेकिन चिराग अब भी भाजपा के मुखर समर्थक हैं। इससे पहले चिराग पासवान ने खुद को शबरी का वंशज बताते हुए अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए शनिवार को एक लाख 11 हजार रुपये का दान दिया था। उन्होंने कहा था कि इस कार्य में सहभागिता करना समाज के वंचित तबके के प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्तव्य है।

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