लॉस एंजिलिस. सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म की श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार के लिए कनाडा की ओर से नामित फिल्म ‘फनी ब्वॉय (Funny Boy)’ को अवार्ड कमेटी ने खारिज कर दिया है. यह फिल्म मशहूर फिल्म निर्माता दीपा मेहता (Deepa Mehta) ने बनायी है. पुरस्कार आयोजक एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्टस एंड साइंस (एएमपीएस) ने 93वें एकेडमी पुरस्कार (ऑस्कर) के लिए नामित इस फिल्म में बहुत अधिक अंग्रेजी संवाद होने की वजह से इसे अस्वीकार कर दिया.

यह फिल्म श्रीलंका में 1970-1980 दशक के एक किशोर अर्जी की यौन इच्छा की कहानी है जो अपनी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र के प्रति आकर्षित होता है जबकि परिवार इसे अस्वीकार कर देता है. यह फिल्म 1994 में इसी नाम से प्रकाशित श्याम सेलवदुरई के उपन्यास पर अधारित है. फिल्म तमिल और सिंहली भाषा में है, लेकिन इसमें अंग्रेजी संवाद भी हैं. एकेडमी ने कहा कि अंतरराष्ट्री फिल्म की श्रेणी में नामित फिल्म में 50 से अधिक संवाद अंग्रेजी में नहीं होने चाहिए.

टेलीफिल्म कनाडा के एक प्रतिनिधि जो ऑस्कर में भेजी जाने वाली फिल्म का चयन करने वाली समिति के अध्यक्ष करते हैं, ने कहा कि वे अब इस फिल्म को बेहतरीन फिल्म सहित सामान्य श्रेणी में भेजेंगे.

दीपा मेहता ने कहा, ‘हम एकेडमी के इस फैसले से शॉक्ड हैं कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय फिल्म की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकती लेकिन इसके साथ ही प्रसन्न भी हैं कि टेलीफिल्म ने इसे सामान्य श्रेणी में भेजने के फैसले का समर्थन किया है.’दीपा मेहता की कोई फिल्म दूसरी बार इस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा में उतरी थी. इससे पहले दीपा मेहता की फिल्म ‘वाटर’ को 2007 में अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में ऑस्कर अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था. यह फिल्म 70 से 80 के दशक में श्रीलंका में तमिलों एवं सिंहलियों के संघर्ष के बीच एक युवक के अनुभव की कहानी बयान करती है.

ऑस्कर के लिए देश की प्रविष्टि के बारे में फैसला करने वाली कनाडाई चयन समिति की अध्यक्षता करने वाले ‘टेलीफिल्म कनाडा’ की कार्यकारी निदेशक क्रिस्टा डिकनसन ने कहा था, ‘हमें पूरा भरोसा है कि दीपा मेहता की ‘फनी बॉय’ अकादमी के सदस्यों को उसी तरह पसंद आएगी, जिस तरह 2007 में उनकी शानदार फिल्म ‘वाटर’ को पसंद किया गया था.’

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