31 C
Mumbai
Friday, June 18, 2021

सीमा पर फाइटर जेट तैनात कर उलटे भारत को सीख दे रहा चीन, अब कहा- लड़ो मत, एक-दूसरे का सहयोग करो

बीजिंग। सीमा विवाद के मामले में अक्सर आग में घी डालने का काम करने वाले चीन ने इस बार शांति और बातचीत का राग अलापा है। एक ओर पूर्वी लद्दाख के पास सामने अपनी सीमा में चीनी फाइटर जेट तैनात कर ड्रैगन अभ्यास कर रहा है और दूसरी तरफ सीमा विवाद का मसला सुलझाने के लिए भारत से ही सहयोग करने की अपील कर रहा है। दरअसल, चालबाज चीन ने कहा है कि भारत और चीन को सहयोग करना चाहिए, न कि एक-दूसरे से लड़ना चाहिए। भारत में चीनी राजदूत ने कहा कि परामर्श और बातचीत के जरिए सीमा पर मतभेदों को सुलझाना चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए कि चीन-भारत सीमा विवाद इतिहास की विरासत है, चीनी राजदूत सुन वेदोंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सीमा प्रश्न को सही जगह पर रखा जाना चाहिए।

सुन वेदोंग ने कहा कि देशों के बीच मतभेद होना सामान्य बात है। सीमा विवाद इतिहास की विरासत है और इसे द्विपक्षीय संबंधों में सही जगह पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि बीजिंग बातचीत और परामर्श के माध्यम से सीमा विवादों को हल करने में विश्वास करता है। साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने का हमारा दृढ़ संकल्प अटूट है। चीन और भारत को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, एक-दूसरे के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, बातचीत और परामर्श में शामिल होना चाहिए और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए अपने मतभेदों को ठीक से सुलझाना चाहिए।

मंगलवार को इंडियन यूथ लीडर्स के साथ ऑनलाइन चर्चा में चीनी राजदूत सुन ने कहा कि चीन और भारत को सहयोग करना चाहिए और एक-दूसरे का सामना नहीं करना चाहिए और महामारी से निपटने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर ध्यान देना चाहिए। राजदूत सुन की यह टिप्पणी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ चल रहे सीमा संघर्ष की पृष्ठभूमि में आई है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि भारत ने हाल के महीनों में बार-बार कहा है कि एलएसी पर सभी घर्षण बिंदुओं पर पूर्ण डिसइंगेजमेंट और सीमा क्षेत्रों में शांति ही व्यापार और निवेश में संबंधों को सामान्य कर सकती है। विशेष रूप से बीजिंग के बार-बार बयानों के संदर्भ में कि सीमा प्रश्न को उसके सही स्थान पर रखा जाना चाहिए। फरवरी के अंत में विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात करते हुए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इसी तरह कहा था कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक वास्तविकता है, इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में एक उपयुक्त स्थिति में भी रखा जाना चाहिए। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक सीमा विवाद के मुद्दे को सुलझा नहीं लिया जाता और पूरी तरह से डिसइंगेजमेंट नहीं हो जाता, बीजिंग के साथ बिजनेस समान्य नहीं हो सकता। 

बता दें कि एलएसी पर चार इलाकों में टकराव की स्थिति बनी हुई थी। इनमें सबसे ज्यादा टकराव पेंगोंग लेक इलाके में था। लेकिन इसके अलावा डेप्सांग में भी सेनाएं आमने-सामने हैं। हालांकि वहां टकराव के दौरान यथास्थिति में बदलाव नहीं हुआ था। जबकि गोगरा और हॉट स्प्रिंग में सेनाएं पहले थोड़ा पीछे हटी हैं लेकिन इन इलाकों में भी मई 2020 से पहले की स्थिति अभी बहाल होनी बाकी है। कहने का तात्पर्य यह है कि पेंगोंग में पूर्व की स्थिति बहाल होने का रास्ता साफ हो चुका है। लेकिन बाकी तीन इलाकों पर अभी वार्ताओं के दौर होंगे।

Related Articles

मालाड के दुर्गम क्षेत्रों में शुरू हुआ टीकाकरण अभियान

मुंबई। उत्तर मुंबई के मालाड क्षेत्र के समुद्री किनारे पर बसी बड़ी आबादी के लिए स्थानीय सांसद गोपाल शेट्टी के अथक प्रयासों...

टैक्स को लेकर पीएमसी के तुगलकी फरमान का विरोध

वेबीनार का हुआ आयोजन मुंबई। मुंबई व महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर जैसे ही थोड़ी ठंडी पड़ी, वैसे...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

मालाड के दुर्गम क्षेत्रों में शुरू हुआ टीकाकरण अभियान

मुंबई। उत्तर मुंबई के मालाड क्षेत्र के समुद्री किनारे पर बसी बड़ी आबादी के लिए स्थानीय सांसद गोपाल शेट्टी के अथक प्रयासों...

टैक्स को लेकर पीएमसी के तुगलकी फरमान का विरोध

वेबीनार का हुआ आयोजन मुंबई। मुंबई व महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर जैसे ही थोड़ी ठंडी पड़ी, वैसे...

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के जन्मदिन पर कृपाशंकर सिंह ने दी बधाई

मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के जन्मदिन पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह...

भारी बारिश से कुर्ला टर्मिनस की सड़को की खस्ताहाल

मुंबई। लगातार हो रही बारिश से कुर्ला टर्मिनस की सड़कों की हालत दयनीय हो गई है। कुर्ला (पूर्व) पूर्व स्थित रेलवे कॉलोनी,...