29 C
Mumbai
Friday, July 30, 2021

आम आदमी पार्टी ने की बाढ़ में जान-माल के भारी नुकसान के लिए बीएमसी की आलोचना

आघाड़ी सरकार ने बाढ़ के खतरे की  बार-बार चेतावनियों के बावजूद कोई  ध्यान नहीं दिया

मुंबई। आम आदमी पार्टी ने पूरे मुंबई में बाढ़ के कारण जान-माल की असहनीय क्षति के लिए बीएमसी की आलोचना की है। मुंबई के पिछले अनुभवों से मनपा ने कुछ नहीं सीखा। मुंबई ने तीन दिनों में 30 से अधिक नागरिकों की मौत देखी है। यह किसी अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं, बल्कि एक मानव निर्मित आपदा थी, जिसके बारे में  वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों ने बार-बार चेतावनी दी है। 26 जुलाई 2005 की भयावह बाढ़ के बाद बनी चितले समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों पर राज्य सरकार और मनपा ने कोई ध्यान नहीं दिया।  

मुंबई सह्याद्री रेंज में स्थित है, जहां देश में सबसे अधिक वर्षा होती है। यह कोई रहस्य नहीं है, कि मुंबई में हर साल जून से मध्य अगस्त तक भारी बारिश होती है। शहर की चार नदियां – ओशिवरा, पोइसर, दहिसर और मीठी नदी शहर की प्राकृतिक नालियों के रूप में कार्य करती हैं, और बाढ़ का पानी मैंग्रोव और अरब सागर में ले जाती हैं। बीएमसी की अदूरदर्शी नीतियों के चलते नदियां अब ‘नाले’ में बदल गई हैं। अत्यधिक कंक्रीटीकरण कर दिया गया है, और ये नदियां शहर की पसंदीदा कचरा डंपिंग स्पॉट बन गई हैं। कंक्रीट की दीवारों (जिसे ‘लेवीज़’ कहा जाता है) का निर्माण करके नदियों को बांध दिया गया, और आसपास के आर्द्रभूमि और जलक्षेत्रों पर डेवलपर्स द्वारा अतिक्रमण किए गए।

इससे नदियों की जलधारा में परिवर्तन हो गया, और इसका असर आसपास के झोपड़पट्टी इलाकों में हुआ, और वे बाढ़ में डूबने का खतरा बार-बार झेलने को मजबूर हुए। प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे ने नदी-धाराओं को बंद कर दिया है, और प्राकृतिक इनलेट्स से पानी का प्रवाह बंद कर दिया है। यह ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया भर में, नदी-दीवारों और प्लास्टिक कचरे को सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए एक खतरे के रूप में पहचाना जा रहा है, और बाढ़ के मामलों को कम करने के लिए इन्हें हटाया जा रहा है।

मुंबई में कंक्रीटीकरण बढ़ रहा है, नदियों को इस हद तक सील कर दिया गया है, कि मुंबई का प्राकृतिक बाढ़-निवारण ढांचा पंगु हो गया है। 2005 की मुंबई बाढ़ के बाद, चितले समिति की रिपोर्ट ने प्रशासन को इन नदियों को साफ करने और मुंबई के शहरी पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवंत करने का निर्देश दिया था।  कांदिवली, दहिसर और गोरेगांव में निचली झुग्गी बस्तियों को “बाढ़-प्रवण” कहा गया, क्योंकि वे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर बनाए गए थे, और निवासियों को जोखिम-क्षेत्र के बाहर तुरंत पुनर्वास किया जाना चाहिए था। कांदिवली में 2005 की बाढ़ का सामना करने के बाद से 16 वर्षों में, बीएमसी ने स्पष्ट रूप से ब्रिम्टोवाॅड परियोजना, मानव निर्मित नालियों के विस्तार, और नदी बेसिन पुनर्वास के लिए निविदाएं जारी करने के लिए 6000 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं, लेकिन लंबे दावों और भारी खर्चों के बाद भी दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। 

पोइसर नदी को कांदिवली में सड़कों पर पानी भरने में सिर्फ दो घंटे लगे, और भूस्खलन के कारण लोगों की जान चली गई। चितले समिति, वैज्ञानिकों और पत्रकारों द्वारा बार-बार और विधिवत चेतावनी दिए जाने के बावजूद, बीएमसी अभी भी बाढ़ से संबंधित मौतों को “दुर्भाग्यपूर्ण” और “अप्रत्याशित”  कहकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रुबेन मसकारेन्हास ने कहा कि अगर हम दुनिया भर की प्रमुख नदियों को देखें, तो हम समझते हैं कि नदी प्रवाह का विस्तार 50-100 वर्षों के दीर्घकालिक चक्रों में होता है, और इसके अनुसार किनारे की बस्तियों की योजना बनाई जानी चाहिए।

लेकिन हर गुजरते साल में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर निर्माण जारी है। 16 साल बाद भी मुंबई में ब्रिमस्टोवड परियोजना अधूरी रह गई है, आर्द्रभूमि में कांक्रीटीकरण  लगातार जारी है और मैंग्रोव को नष्ट किया जा रहा है। बीएमसी अपनी विफलताओं को पहचानने और जिम्मेदारी लेने से इंकार कर रही है। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और मुंबई प्रभारी प्रीति शर्मा मेनन ने कहा कि हर साल, बीएमसी बाढ़ से निपटने की तैयारी में विफल रहता है, और बिना किसी योजना के कार्य करता है।

प्रशासन यह दर्शाता है, मानो बाढ़ के जोखिम को कम करने का कोई तरीका नहीं उपलब्ध है। हर संकट के बाद भारी-भरकम वादे किए जाते हैं, और संकट के उस पल को भूल जाते हैं । आघाड़ी सरकार रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ गठजोड़ के जरिए अपनी जेब भरने के तरीके ढूंढता रहता है। यह अब निर्विवाद है, कि बीएमसी ने शहर के प्राकृतिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है, और इस हद तक कि इन बाढ़ों को अपरिहार्य बना दिया गया है। 6000  करोड़ रुपए  नाले में डूब चुके हैं, और हजारों मुंबईकर हर भारी बारिश में जान माल का नुकसान झेलने को मजबूर हैं।  

Related Articles

कर्नाटक में 5 उपमुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में बीजेपी, कैबिनेट में भी युवाओं पर भरोसा

बेंगलुरू।कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे ठीक पहले सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार में बड़े बदलाव...

Tokyo Olympics: लवलीना बोरगोहेन ने बनाई सेमीफाइनल में अपनी जगह, भारत का दूसरा मेडल हुआ पक्का

नई दिल्ली। जापान की राजधानी टोक्यो में खेल जा रहे ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) ने भारत...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

कर्नाटक में 5 उपमुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में बीजेपी, कैबिनेट में भी युवाओं पर भरोसा

बेंगलुरू।कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे ठीक पहले सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार में बड़े बदलाव...

Tokyo Olympics: लवलीना बोरगोहेन ने बनाई सेमीफाइनल में अपनी जगह, भारत का दूसरा मेडल हुआ पक्का

नई दिल्ली। जापान की राजधानी टोक्यो में खेल जा रहे ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) ने भारत...

सदियों पुराना शिव मंदिर मनपा ने तोड़ा

भक्तों में फैला जनाक्रोश मुंबई। सांताक्रूझ कालिना विधानसभा छेत्र के अधीन वाडिया ट्रस्ट व प्रकाशहरी नंदूमल सिंधी के...

महापालिका अधिकारियों ने दिया वैक्सीन आपूर्ति का आश्वासन

मुंबई। प्रभाग क्रमांक 2 आरएनपी पार्क, राहुल पार्क, चंदन पार्क, आशा नगर, जैसल पार्क, नवघर  रोड, बीपी रोड, बंदरवाड़ी, सभी परिसरों के...