27 C
Mumbai
Monday, November 29, 2021

आर्युयोगा लाइफ इंस्टीच्यूट ने किया कोविड प्रबंधन के लिए योग पर पाठ्यक्रम का शुभारंभ

मुंबई। कोविड 19 महामारी ने एक अभूतपूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को जन्म देते हुए एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। दुनियाभर में रोजाना मरने वालों और संक्रमित होने वालों की संख्या में इजाफा होता रहा है। कई सामाजिक और आर्थिक कारकों के कारण संभावित विनाशकारी स्थितियों के कारण यह स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो गई है। इस संक्रमण से निपटने के लिए प्रभावी प्रबंधन अभी भी विकसित हो रहा है और देखभाल के मानक के साथ पारंपरिक हस्तक्षेपों को एकीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है। कोविड रोगियों सहित निवारक उपायों और पोस्ट कोविड प्रबंधन को बढ़ाने के लिए योग निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोविड 19 की वर्तमान समझ इंगित करती है कि रोग की प्रगति से बचाव और बचाव के लिए अच्छी प्रतिरक्षा काफी महत्वपूर्ण है।

आर्युयोगा लाइफ इंस्टीच्यूट ने विशेष रूप से आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित योग पर आधारित कोविड के लिए राष्ट्रीय नैदानिक ​​प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड प्रबंधन पाठ्यक्रम के लिए योग की शिक्षा जन जन में करने की योजना बनाई है। यह ऑनलाइन कोर्स आयुरयोग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया जाएगा। पाठ्यक्रम 18 अगस्त 2021 से शुरू होने वाला हैं।

कोविड प्रबंधन के लिए योग, योग में एक परिचयात्मक पाठ्यक्रम है जो व्यक्ति को सामान्य चिकित्सीय योग प्रोटोकॉल और विशेष रूप से कोविड प्रबंधन के लिए तैयार की गई प्राचीन योग पद्धतियों पर विशेषज्ञता हासिल करने में सक्षम बनाता है।

श्रीमती शशि शारदा, शिक्षा प्रमुख, अयूरयोग लाइफ इंस्टीट्यूट, ने कहा कि हमने आयुष मंत्रालय द्वारा कोविड-19 के प्रबंधन के लिए योग पर आधारित राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार एक विशेष पाठ्यक्रम “कोविड प्रबंधन के लिए योग” शुरू करने जा रहें हैं।

उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में कोविड की प्राथमिक रोकथाम के लिए योग प्रोटोकॉल, पोस्ट कोविड देखभाल के लिए योग प्रोटोकॉल (कोविड रोगियों की देखभाल सहित) और होम क्वारंटाइन के लिए योग प्रोटोकॉल को भी शामिल किया गया है। श्री प्रीतम कुमार सिन्हा, संस्थापक – आयुरयोग लाइफ इंस्टीट्यूट ने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य श्वसन और हृदय दक्षता में सुधार करना, तनाव और चिंता को कम करना, प्रतिरक्षा को बढ़ाना, फेफड़ों की क्षमता में सुधार करना और म्यूको-सिलिअरी क्लीयरेंस में सुधार करना है।

श्रीमती शशि शारदा जी ने कहा कि पाठ्यक्रम 18 अगस्त 2021 से शुरू होकर 31 अगस्त 2021 तक चलेगा और सत्र का समय 6:00 – 7:00 बजे होगा। इच्छुक छात्र यहां जानकारी प्राप्त कर सकते हैं: https://ayuryoga.life

Related Articles

शादी करने से इंकार करने पर बलात्कार के बाद हुई हत्या

प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर 20 वर्षीय युवती के साथ किया बलात्कार व हत्या, विनोवा भावे नगर पुलिस की हद का...

एक मोबाइल की चोरी में पकड़ा गया आरोपी

6 मामलों का हुआ खुलासा सभी मोबाइल बरामद मुंबई। एक 70 वर्षीय बृद्ध के मोबाइल चोरी की घटना की...

मेट्रो स्टेशन का नाम रामबाग चांदिवली किए जाने की मांग

मुंबई। मेट्रो परियोजना के तहत जोगेश्वरी से विक्रोली तक के मार्ग पर मेट्रो निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। इस मार्ग...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

शादी करने से इंकार करने पर बलात्कार के बाद हुई हत्या

प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर 20 वर्षीय युवती के साथ किया बलात्कार व हत्या, विनोवा भावे नगर पुलिस की हद का...

एक मोबाइल की चोरी में पकड़ा गया आरोपी

6 मामलों का हुआ खुलासा सभी मोबाइल बरामद मुंबई। एक 70 वर्षीय बृद्ध के मोबाइल चोरी की घटना की...

मेट्रो स्टेशन का नाम रामबाग चांदिवली किए जाने की मांग

मुंबई। मेट्रो परियोजना के तहत जोगेश्वरी से विक्रोली तक के मार्ग पर मेट्रो निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। इस मार्ग...

पूर्व बेस्ट समिति के अध्यक्ष व वार्ड क्रमांक153 के नगरसेवक अनिल पाटणकर के प्रयास से मतदाता सूची में नाम पंजीकरण मुहिम शुरू

मुंबई। चेंबूर के घाटला गांव वार्ड क्रमांक153 में पूर्व बेस्ट समिति के अध्यक्ष तथा नगरसेवक अनिल पाटणकर के प्रयास से मतदाता सूची...

एनसीबी ने ड्रग्स की कार्रवाई का खुलासा करने से किया इनकार!

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स कंट्रोल (एनसीबी) ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को पिछले तीन...