मुंबई। भायंदर निवासी निर्भीक, निष्पक्ष, निरंतर गतिशील रहने वाले सक्रिय, वरिष्ठ प्रखर पत्रकार सुभाष पांडेय के ‘कोरोनाग्रस्त होने के बाद’ उन्हें जब तकलीफें बढ़नी शुरू हुई, तो उन्होंने डॉक्टरों से इलाज़ करवाना शुरू किया। जांच-पड़ताल के बाद पता चला कि वे कोविड पॉजिटिव हैं। तेज बुख़ार, सूखी खांसी, सिर दर्द से परेशान वरिष्ठ पत्रकार को अंततः सांस लेने में तकलीफें शुरू हो गई। उन्हें तुरंत ऑक्सीजन बेड की जरूरत थी। कई अस्पतालों में उनके बेटे हेमंत पांडेय लेकर दौड़े, लेकिन, सारे अस्पताल कोविड-ग्रस्तों एवं अन्य मरीजों से भरे थे। ऐसे में भायंदर पूर्व स्थित “अल- एक्सपोर्ट एक्सपोर्ट ” के मालिक विजय भाई पारीख से पत्रकार सुभाष पांडेय के बेटे हेमंत ने संपर्क किया।

“अल-कैन एक्सपोर्ट” के मालिक व कर्मठ समाजसेवक विजय पारीख ने तत्काल “ऑक्सिकिट ऑक्सीजन किट” की व्यवस्था की। पत्रकार सुभाष पांडेय को ‘ऑटो ऑक्सीजन’ तो मिल गया, लेकिन उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाना जरूरी था। फिर वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय के मित्र पत्रकार शशि शर्मा से उनके बेटे हेमंत पांडेय ने बात की। शशि शर्मा ने तुरंत दिमाग़ दौड़ाया, बोले कहां हो तत्काल ? स्थिति गंभीर थी। हेमंत ने बताया  बी.पी.रोड, भायंदर (पूर्व)। पत्रकार मित्र शशि शर्मा बोले एक मिनट। उन्होंने तुरंत समीप के धन्वंतरि अस्पताल की डॉक्टर प्रीति पाटील को फोन किया और अस्पताल में हर हाल में भर्ती कर इलाज़ करने की व्यवस्था को कहा। गौरतलब है कि भायंदर (पूर्व) स्थित बी.पी. रोड पर स्थित धन्वंतरि अस्पताल की डॉ. प्रीति पाटील मीरा-भायंदर महानगरपालिका की  विद्यमान नगरसेविका भी हैं।

इस बीच वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय की तबीयत बेहद ख़राब होती चली जा रही थी। ऐसे में भायंदर के उद्योगपति एवं कर्मठ समाजसेवक “अल कैन एक्सपोर्ट” के मालिक विजय पारिख ने तुरंत ‘होम किटऑक्सीजन’ की व्यवस्था करवाई थी और घर से लेकर अस्पताल तक की  किसी भी प्रकार की चिंता न करने, और हरसंभव सहयोग करने के लिए वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय के बेटे से कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की चिंता न करें, मैं हूँ न। इस बीच पत्रकार मित्र शशि शर्मा ने पत्रकार सुभाष पांडेय के लिए उसी धन्वतरि अस्पताल में ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था हर हाल में करवा दी। वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय ‘अल-  कैन’ विजय भाई पारीख द्वारा भेजे गए ऑक्सिकिट ऑक्सीजन के सहारे किसी तरह ‘धन्वंतरि अस्पताल ‘ पहुंचे थे। जिस ‘अल-कैन ऑक्सिकिट ऑक्सीजन सिलेंडर किट का स्लोगन ही है – “जीवन और मृत्यु के बीच”  यह अल -कैन द्वारा निर्मित ऑक्सीजन ऑक्सिकिट” पत्रकार सुभाष पांडेय का जीवन बचाने में ‘रामबाण इलाज’ का काम किया।

धन्वंतरि अस्पताल की डॉक्टर प्रीति पाटील ने तत्काल गंभीर अवस्था में पत्रकार सुभाष पांडेय को ‘आईसीयू’ में भर्ती किया गया। धन्वंतरि अस्पताल की डॉक्टर प्रीति पाटील ने पत्रकार सुभाष पांडेय का इलाज़ शुरू किया। वे लगभग 9 दिन तक गम्भीरावस्था में  धन्वंतरि अस्पताल में भर्ती रहे। इस बीच ऑक्सीजन की किल्लत एवं भारी मांग के चलते मीरा-भायंदर के कई अस्पतालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। धन्वंतरि अस्पताल में भी ‘ऑक्सीजन ख़त्म’ की बात पर सभी मरीजों के हाथ-पांव फूलने लगे। ‘ धन्वंतरि अस्पताल की डॉक्टर प्रीति पाटील जहां-तहां से ऑक्सीजन की व्यवस्था करती रही। इस बीच फिर ‘अल-कैन’ के मालिक विजय पारिख ने  दो  ऑक्सीजन सिलेंडर धनवंतरी अस्पताल में भेजा। जिसे पत्रकार सुभाष पांडेय को मुहैया कराया गया। यह सब भागा दौड़ी पत्रकार सुभाष पांडेय का होनहार बेटा हेमंत पांडेय कर रहा था। हेमंत पांडेय ने डॉक्टर प्रीति पाटील के कहने पर अपने पिता सुभाष के लिये ‘ तत्काल रेमडिसिवर के महंगे इंजेक्शन्स ‘ एवं प्लाज़्मा की व्यवस्था की।

पत्रकार सुभाष पांडेय को और ‘रेमडिसिवर इंजेक्शनस’ जान बचाने के लिए लगने जरूरी थे। भायंदर में ‘रेमडिसिवर इंजेक्शन्स’ के इंजेक्शन्स न मिलने पर हेमंत एवं उसका स्कूली दोस्त अक्षय गोसावी सब जगह रेमडिसिवर के इंजेक्शन्स ढूंढना शुरू किए। अंततः घाटकोपर से जाकर रात को 2 बजे 3 ‘रेमडिसिवर इंजेक्शन ‘ लाकर धन्वतरि अस्पताल में दिया। इस बीच फिर धन्वतरि अस्पताल  में ऑक्सीजन ख़त्म होने की बात पर मरीजों की जान बचाने के लिए धन्वंतरि अस्पताल की डॉ. प्रीति पाटील ने मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन द्वारा संचालित स्वर्गीय प्रमोद महाजन कोविड सेंटर अस्पताल में एम्बुलेंस के माध्यम से आईसीयू में फिर भर्ती करवाया। पत्रकार सुभाष पांडेय जीवन-मृत्यु के बीच जबरदस्त संघर्ष कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि, वरिष्ठ-पत्रकार सुभाष पांडेय विश्वव्यापी महामारी  कोविड -19 के चलते अस्पताल में गम्भीरावस्था में आईसीयू में भर्ती हुए। बचना मुश्किल था। यह बात आग की तरह शहर में फैल चुकी थी, लेकिन,”  शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह के फैन भायंदर के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय जिंदगी-मौत के इस झंझावात से आखिर निकल ही आये। उपचार कर रहे डॉक्टरों को भी कमाल लगा कि, इतना ‘कोमलिकेटिव केस ‘ आख़िर सॉल्व कैसे होगा ? ईश्वर को कुछ और मंजूर था। आखिर पत्रकार सुभाष पांडेय आईसीयू-2 से  जनरल वार्ड में आ गए। जनरल वार्ड में डॉक्टरों के मुताबिक़ उनका ‘ परफेक्ट ट्रीटमेंट ‘ डॉ. अमित पवार, डॉ. मतीन सैय्यद ने किया। इस बीच स्वर्गीय प्रमोद महाजन कोविड सेंटर अस्पताल एवं अप्पासाहेब कोविड सेंटर ‘ की संचालिका माधुरी कोटकर ने भी कोविड से पीड़ित इलाज़ के लिए भर्ती पत्रकार सुभाष पांडेय का पूरा-पूरा ख्याल रखा।

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