पहले हो पुनर्वसन, फिर हो कार्रवाई : राकेश राजपुरोहित

मुंबई। शहर में अवैध फेरीवालों की भरमार तथा सड़कों एवं फुटपाथों पर उनके द्वारा गैरकानूनी तरीके से जमाए गए कब्जे का खामियाजा अंततः आम नागरिकों को ही भुगतना पड़ रहा है। फेरीवालों से बाजार शुल्क वसूली में मनपा को चूना लगाने के साथ ही हाल ही में फर्जी रसीद के जरिए वसूली की भी कई शिकायतें मिली हैं।

अवैध फेरीवालों से सड़कों तथा फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मनपा प्रभाग समिति की सभापति हेतल परमार के नेतृत्व तथा स्थायी समिति के सभापति दिनेश जैन की विशेष उपस्थिति में मीरारोड पूर्व के सर्वदलीय नगरसेवकों एवं सदस्यों की बैठक का आयोजन प्रभाग समिति कार्यालय में किया गया।

सभी दलों के नगरसेवकों ने अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई किए जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। उक्त बैठक के बाद प्रभाग समिति की सभापति हेतल परमार ने मनपा आयुक्त दिलीप ढोले को पत्र लिखकर मीरारोड पूर्व के फुटपाथों तथा सड़कों को अवैध फेरीवालों से मुक्त कराने के लिए दस बाउंसरों की मांग की है, ताकि जोर-जबरदस्ती करने वाले फेरीवालों पर काबू पाया जा सके।

इसके अलावा हेतल परमार ने स्थायी समिति के सभापति दिनेश जैन के साथ शहर के पुलिस आयुक्त डॉ सदानंद दाते से भी मुलाकात कर उन्हें इस मुहिम में सहयोग करने का अनुरोध करते हुएपुलिस बल मुहैया कराने की मांग की है, जिसमें सकारात्मक सहयोग करने का आश्वासन उन्हें दिया है। इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के मीरा-भायंदर जिला कार्याध्यक्ष राकेश राजपुरोहित ने कहा कि सभी नागरिकों को रोजी-रोटी कमाने का अधिकार है।

अवैध फेरीवालों की बढ़ती तादाद के लिए मनपा शासन-प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है। राकेश राजपुरोहित ने कहा कि फेरीवालों की आजीविका छीनने से पहले उनका पुनर्वसन जरूरी है, जो वर्षों से सिर्फ कागजी पुलाव बन कर रह गया है।

उन्होंने नवनियुक्त मनपा आयुक्त दिलीप ढोले से मांग की है कि एक बार वह सख्ती से सभी फेरीवालों का सर्वे कराएं और लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी होने तक अस्थायी परिचय पत्र जारी करें, ताकि अन्य कोई फेरीवाला हफ्ता देकर अतिक्रमण न करने पाए। यह प्रक्रिया पूरी होने तक उन्होंने गरीब फेरीवालों की आजीविका न छीनने की मांग मानवता की दुहाई देते हुए की है।

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