मुंबई। महाराष्ट्र सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन व फेडरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई रेसिडेंट्स और एमएनएस मीडिया न्यूज़ सर्विस ने मिलकर एक खास वेबीनार का आयोजन किया। जिसमें महाराष्ट्र शासन द्वारा हाउसिंग सोसाइटीज को कोऑपरेटिव डिपार्टमेंट से हटा देने की भविष्य की योजना जैसे ज्वलंत विषय पर चर्चा हुई। जो डेढ़ लाख हाउसिंग सोसाइटीज के करोड़ों लोगों के लिए अन्याय पूर्ण होगा। महासेवा के अध्यक्ष सीए रमेश प्रभु ने कॉपरेटिव डिपार्टमेंट द्वारा संबंधित आदेश के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि इसका विरोध हम सब फेडरेशन पदाधिकारी और हाउसिंग एक्टिविस्ट व एक्सपर्ट लोगों को मिलकर करना चाहिए। इसलिए इस खास वेबीनार में महाराष्ट्र राज्य हाउसिंग फेडरेशन के अध्यक्ष सीताराम राणे ने इसका विरोध करते हुए भविष्य में योजनाबद्ध और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।

वहीं मुंबई हाउसिंग फेडरेशन के प्रकाश दरेकर ने कहा कि हाउसिंग सोसाइटीज़ में करोड़ों लोग रहते हैं, और यह शासन का अन्याय पूर्ण कदम यदि आगे बढ़ता है, तो इसका जवाब आंदोलन के रूप में दिया जाएगा। एडवोकेट विनोद संपत ने कहा है कि यदि कॉपरेटिव डिपार्टमेंट हाउसिंग सोसायटीज के काम को ज्यादा बोझ मानते हैं, तो कुछ काम डिस्ट्रिक हाउसिंग फेडरेशन को सौंप सकते हैं। जिससे कॉपरेटिव डिपार्टमेंट के काम का बोझ हल्का हो सकता है। हाउसिंग सोसाइटीज को कॉपरेटिव डिपार्टमेंट से हटा देना कोई विकल्प नहीं है। एडवोकेट डी एस वढेर और अन्य एक्सपर्ट्स और हाउसिंग फेडरेशन के लोगों ने इस सुझाव का समर्थन किया।

पूरे वेबीनार का संचालन करते हुए महासेवा के प्रवक्ता/उपाध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि कोऑपरेटिव डिपार्टमेंट द्वारा अभी यह साजिश शुरू हुई है। यदि इस पर भविष्य में महाराष्ट्र शासन हाउसिंग सोसायटीज को कोऑपरेटिव डिपार्टमेंट से बाहर निकालती है, तो इसका जवाब सरकार को उग्र आंदोलन के रूप में दिया जाएगा। इसलिए शासन में बैठे ब्यूरोक्रेट्स इस विषय को आगे ना ले जाएं। सुनील शर्मा और अन्य सभी मौजूद हस्तियों ने 1 मई महाराष्ट्र-दिवस के निमित्त यह संकल्प लिया कि लाखों हाउसिंग सोसायटीज में रहने वाले महाराष्ट्र के करोड़ों लोगों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे

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