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Wednesday, September 22, 2021

अफगानिस्‍तान में तालिबान के आने से डेढ़ सौ करोड़ के मेडिकल उपकरण निर्यात को झटका 

नई दिल्‍ली. अफगानिस्‍तान में तालिबान ने अपना कब्‍जा जमा लिया है. करीब 15 दिन पहले हुए कब्‍जे के बावजूद अभी तक वहां हालात सामान्‍य नहीं हैं. ऐसे में अफगानिस्‍तान से व्‍यापार करने वाले भारतीय कारोबारी भी चिंतित हैं. देश में आयात-निर्यात पर लगी रोक के कारण भारत से होने वाले मेडिकल डिवाइसेज के निर्यात को भी झटका लगा है. अफगानिस्‍तान में भारत से सालाना करीब डेढ़ सौ करोड़ का सिर्फ निर्यात होता था लेकिन अभी यह पूरी तरह बंद पड़ा है.

अकेले अफगानिस्‍तान में भारत से 151 प्रकार की मेडिकल डिवाइसेज निर्यात की जाती थी. इतना ही नहीं कोरोना महामारी को देखते हुए जहां विश्‍व में यहां से मेडिकल डिवाइसेज के निर्यात में बढ़ोत्‍तरी हुई है, ऐसे में निर्यातक अफगानिस्‍तान में भी मांग बढ़ने की संभावना जता रहे थे हालांकि तालिबान के कब्‍जे के बाद से वहां मेडिकल डिवाइसेज का निर्यात ठप हो गया है.

द एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैन्‍यूफैक्‍चरर्स ऑफ मेडिकल डिवाइसेज के फॉरम कॉर्डिनेटर राजीव नाथ ने बताया कि भारत मेडिकल डिवाइसेज के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि यहां से विश्‍व के अधिकांश देशों में मेडिकल उपकरण और डिवाइसेज का निर्यात होता है. पिछले तीन साल के आंकड़े को ही देखें तो विश्‍व में इन उपकरणों का निर्यात लगातार बढ़ा है.

नाथ कहते हैं कि भारत से विदेशों में डेढ़ सौ से ज्‍यादा मेडिकल उपकरण निर्यात किए जाते हैं. कोरोना के दौरान भी देखें तो करीब डेढ़ सौ ही ऐसे मेडिकल उपकरण या उत्‍पाद थे जिनकी जरूरत पड़ी है. भारत से विश्‍व में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में काम आने वाले सबसे ज्‍यादा इलेक्‍ट्रोनिक उपकरणों का निर्यात हुआ है. यहां से 74 प्रकार की मेडिकल फील्‍ड में काम आने वाली सिर्फ इलेक्‍ट्रोनिक डिवाइसेज भेजी जाती हैं. साल 2018-19 में भारत से विश्‍व में 17036.90 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया. यही अगले साल बढ़कर साल 2019-20 में 18418.98 करोड़ रुपये हो गया.

भारत से विश्‍व में बड़ी मात्रा में सीरिंज और नीडल सहित तमाम मेडिकल डिवाइसेज और उपकरणों का निर्यात किया जाता है. news18

भारत से विश्‍व में बड़ी मात्रा में सीरिंज और नीडल सहित तमाम मेडिकल डिवाइसेज और उपकरणों का निर्यात किया जाता है.

वहीं कोरोना की पहली और दूसरी लहर के कारण साल 2020-21 में भारत से मेडिकल डिवाइसेज का निर्यात बढ़कर 19736.92 करोड़ रुपये हो गया है. विश्‍व में भारत में बने डिस्‍पोजेबल आइटम्‍स जैसे सीरिंज, नीडल, ग्‍लव्‍स, आदि की भी काफी मांग है. ऐसे में यहां से 47 कन्‍ज्‍यूमेबल आइटम, 10 प्रकार के डिस्‍पोजेबल, 74 प्रकार के इलेक्‍ट्रोनिक उपकरण, 8 प्रकार के इम्‍प्‍लांट और 7 प्रकार के सर्जिकल औजार शामिल हैं.

अकेले अफगानिस्‍तान में होता है इतना निर्यात

अफगानिस्‍तान में तालिबानियों के आने से पहले तक भारत से ही मेडिकल डिवाइसेज का निर्यात होता रहा है लेकिन हाल ही में देश पर तालिबान के कब्‍जा करने के बाद वहां आयात-निर्यात के सभी रास्‍तों को बंद कर दिया गया है. जिसकी वजह से भारत से वहां जाने वाला व्‍यापार भी ठप पड़ गया है.

एआईएमईडी के फॉरम कॉर्डिनेटर राजीव नाथ बताते हैं कि अफगानिस्‍तान में हर साल करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरणों का निर्यात होता रहा है. पिछले तीन साल का रिकॉर्ड देखें तो साल 2018-19 में यहां सबसे ज्‍यादा 149.73 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण भेजे गए. वहीं 2019-20 में यहां 149.43 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया. जबकि इस साल की बात करें तो 2020-21 में यहां निर्यात घटकर 141.78 करोड़ का रह गया है.

भारत से अफगानिस्‍तान में सबसे ज्‍यादा 74 प्रकार के इलेक्‍टॉनिक उपकरण भेजे जाते हैं जो मेडिकल फील्‍ड में इस्‍तेमाल होते हैं.

भारत से अफगानिस्‍तान में सबसे ज्‍यादा 74 प्रकार के इलेक्‍टॉनिक उपकरण भेजे जाते हैं जो मेडिकल फील्‍ड में इस्‍तेमाल होते हैं.

नाथ कहते हैं कि भारत से पूरे विश्‍व में मेडिकल उपकरणों के निर्यात में करीब एक हजार करोड़ रुपये की बढ़ोत्‍तरी हर साल हुई है लेकिन अफगानिस्‍तान में यह पिछले तीन साल से लगातार घट रही है. वहीं 2020-21 में कोरोना महामारी होने के बावजूद वहां निर्यात में कुछ करोड़ रुपयों की कमी आई है. जबकि अभी अफगानिस्‍तान के लिए निर्यात पूरी तरह बंद हो गया है. एयरपोर्ट से ही यहां माल जाता था लेकिन अभी वहां माल की सप्‍लाई नहीं हो रही है.

दुबई के रास्‍ते माल भेजने की तैयारी

नाथ बताते हैं कि अफगानिस्‍तान के लिए सैकड़ों निर्यातक माल भेजते रहे हैं लेकिन अब तालिबान के कब्‍जे के बाद वहां से मांग में भी कमी आई है. हालांकि फिर भी कुछ व्‍यापारी मेडिकल उपकरण वहां मंगाना चाहते हैं. अब रास्‍ते बंद होने के कारण संभव है कि अफगानिस्‍तान में दुबई के रास्‍ते माल जाएगा. हालांकि यह महंगा भी पड़ता है लेकिन तालिबान के आने के बाद अफगानिस्‍तान में दुबई से आयात-निर्यात हो रहा है. ऐसे में संभव है कि अभी कुछ समय तक जब तक स्थिति सामान्‍य नहीं हो जाती अन्‍य देशों के रास्‍ते मेडिकल डिवाइसेज पहुंचेंगी.

नाथ कहते हैं कि अन्‍य देशों के माध्‍यम से मेडिकल उपकरणों के निर्यात की रूपरेखा बनाने के बावजूद पिछले सालों की तरह निर्यात होने की संभावना नहीं है. निर्यातकों को भी अपना पैसा वहां फंसने का डर अभी है. ऐसे में अभी कुछ दिन माहौल देखने के बाद निर्यात की स्थिति साफ हो सकेगी. फिलहाल निर्यात रुका हुआ है.

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