30 C
Mumbai
Wednesday, January 19, 2022

विदेश जाने वाले भारतीयों को सुविधा, दिल्‍ली एम्‍स में ले सकते हैं कोविशील्‍ड की दूसरी डोज

अंतरराष्‍ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीय लोग दिल्‍ली एम्‍स में कोरोना वैक्‍सीन की दूसरी डोज ले सकते हैं.

दिल्‍ली एम्‍स में इंटरनेशनल ट्रेवलर्स के लिए कोविशील्‍ड वैक्‍सीनेशन उपलब्‍ध है. हालांकि यहां कोविशील्‍ड की दूसरी डोज ही लगेगी. ऐसे में विदेश जाने वाले भारत के नागरिक वैक्‍सीन की दूसरी डोज वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के 28 वें दिन से लेकर 84 दिनों के बीच में कभी भी एम्‍स आकर ले सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्‍ली. भारत में कोविड के टीके की दोनों डोज न लगने के कारण अब लोगों को अंतरराष्‍ट्रीय यात्रा के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा. भारत से विदेश यात्रा करने वाले लोगों को दिल्‍ली ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ने सुविधा दी है. बाहर जाने वाले लोग अब दिल्‍ली एम्‍स में कोविशील्‍ड की दूसरी डोज (2nd dose of Covishield) लगवा सकते हैं.

    एम्‍स अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि दिल्‍ली एम्‍स में इंटरनेशनल ट्रेवलर्स के लिए कोविशील्‍ड वैक्‍सीनेशन (Covishield Vaccination) उपलब्‍ध है. हालांकि यहां कोविशील्‍ड की दूसरी डोज ही लगेगी. ऐसे में भारत के नागरिक वैक्‍सीन की दूसरी डोज वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के 28 वें दिन से लेकर 84 दिनों के बीच में कभी भी एम्‍स आकर ले सकते हैं.

    अधिकारियों ने कहा कि वैक्‍सीन की दूसरी डोज के लिए लोगों को अपने वैध दस्‍तावेज भी दिखाने होंगे जिनमें इंटरनेशनल यात्रा के दस्‍तावेज शामिल होंगे. इसके लिए इच्‍छुक व्‍यक्ति एम्‍स की नई राजकुमारी अमृतकौर ओपीडी के आठवें मंजिल पर सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक कभी भी आकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

    हालांकि यहां ध्‍यान रखने वाली बात यह है कि वैक्‍सीन का वायल तभी खोला जाएगा जब कि वैक्‍सीनेशन साइट पर कम से कम 10 लोग वैक्‍सीनेशन के लिए पहुंचे हों. बता दें कि अंतरराष्‍ट्रीय यात्रियों को केंद्र सरकार ने दूसरी डोज लगवाने के लिए 28 से 84 दिन की अनुमति दी है. ये लोग इन दिनों के बीच में कभी भी अपनी दूसरी डोज ले सकते हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    Related Articles

    बाइक चोर का आरोपी निकला मोबाइल चोर

    रवि निषाद/मुंबई। पंतनगर पुलिस की हद से चोरी हुए एक पल्सर 220 बाइक के आरोपी को पुलिस ने करीब एक साल बाद...

    घाटकोपर के फुटपाथ हुए फेरी वालो के कब्जे में

    बिना परवाना धड़ल्ले से चल रहे अवैध धंधे मुंबई। मनपा एन विभाग का फेरीवालों का उड़नदस्ता मतलब चोर गाडी...

    राजस्थान के इस सरकारी अस्पताल में नवजातों और प्रसूताओं पर दौड़ते हैं चूहे, काट लेते हैं अंगुली

    Sirohi latest news: कोरोना महामारी के बीच सिरोही के जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में चूहों ने आतंक मचा रखा है. जनाना अस्पताल के प्रसूती वार्ड में इन चूहों को प्रसूताओं और नवजातों के ऊपर दौड़ते हुये देखा जा सकता है. कोरोना प्रोटोकॉल की पालना का दावा करने वाले इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का ऐसा आलम है कि यहां आने वाला मरीज यहां ठीक होने की बजाय और बीमार हो जाता है.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Stay Connected

    22,042FansLike
    0FollowersFollow
    0SubscribersSubscribe
    - Advertisement -

    Latest Articles

    बाइक चोर का आरोपी निकला मोबाइल चोर

    रवि निषाद/मुंबई। पंतनगर पुलिस की हद से चोरी हुए एक पल्सर 220 बाइक के आरोपी को पुलिस ने करीब एक साल बाद...

    घाटकोपर के फुटपाथ हुए फेरी वालो के कब्जे में

    बिना परवाना धड़ल्ले से चल रहे अवैध धंधे मुंबई। मनपा एन विभाग का फेरीवालों का उड़नदस्ता मतलब चोर गाडी...

    राजस्थान के इस सरकारी अस्पताल में नवजातों और प्रसूताओं पर दौड़ते हैं चूहे, काट लेते हैं अंगुली

    Sirohi latest news: कोरोना महामारी के बीच सिरोही के जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में चूहों ने आतंक मचा रखा है. जनाना अस्पताल के प्रसूती वार्ड में इन चूहों को प्रसूताओं और नवजातों के ऊपर दौड़ते हुये देखा जा सकता है. कोरोना प्रोटोकॉल की पालना का दावा करने वाले इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का ऐसा आलम है कि यहां आने वाला मरीज यहां ठीक होने की बजाय और बीमार हो जाता है.

    शेयर बाजार में आपकी हेल्प के लिए SEBI ने उतारा अपना सारथी, यूं आएगा आपके काम

    Saarthi Mobile App: SEBI ने निवेशकों को शिक्षा देने वाला एक मोबाइल ऐप सारथी (Saa₹thi) लॉन्च किया. यह ऐप युवा निवेशकों को ऐसी-ऐसी जानकारियां देगा, जिससे कि शेयर बाजार में आपका सफर आसान हो जाएगा.

    क्या वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर जीवन ढूंढ़ लिया? क्यूरोसिटी को मिले कॉर्बन के संकेत

    Scientists find carbon on Red Planet: वैज्ञानिकों ने कहा कि हो सकता है कि बारिश के चलते ये कण सतह पर गिरे और फिर सतह के अंदर मंगल ग्रह की चट्टानों में लंबे समय के लिए सुरक्षित हो गए हों. हालांकि एक और दलील में कहा गया है कि मंगल ग्रह पर मिले कॉर्बन सिग्नेचर अल्ट्रावॉयलेट किरणों और कॉर्बन डाई ऑक्साइड के संपर्क में आने का परिणाम हो सकते हैं, जिसने मंगल ग्रह के वायुमंडल में कॉर्बन पैदा किया हो और फिर ये कण मंगल ग्रह की सतह पर जम गए हों.