31 C
Mumbai
Sunday, December 5, 2021

'वे हमें मारते हैं, कुत्‍तों को खिलाते हैं', उस महिला का दर्द जिसको तालिबान ने मारी गोली, फोड़ी आंखें

नई दिल्‍ली. तालिबान (Taliban) का डर इस समय हर अफगानी को है. अफगानी लोग तालिबान का जुल्‍म झेल चुके हैं. ऐसे में अब उन्‍हें जिस बात का डर सबसे ज्‍यादा था, वही हुआ है. तालिबान अफगानिस्‍तान (Afghanistan) पर कब्‍जा कर चुका है. एक महिला अपने पति और बच्‍चे के साथ नवंबर 2020 से दिल्‍ली में रह रही है. तालिबान ने उसे गोली मारी थी, उसकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं. इसके बाद वह अपना इलाज कराने दिल्‍ली आई थी. तबसे यहीं पर हैं. उसने न्‍यूज18 से बातचीत में अपना दर्द बयां किया है कि कैसे तालिबानी अफगानिस्‍तान के लोगों पर जुल्‍म ढाते हैं.

इस महिला का नाम खतेरा है. वह 33 साल की हैं. उनका कहना है कि तालिबान की नजरों में औरतें जीवित इंसान नहीं हैं, वे महिलाओं को सिर्फ मांस समझते हैं. खतेरा पर पिछले साल गजनी प्रांत में तालिबान के लड़ाकों ने हमला किया था. उन्‍होंने खतेरा को गोली मारी थी और उनकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं. खतेरा के अनुसार यह हमला उसके पिता ने करवाया था, जो पूर्व तालिबान लड़ाके थे.

खतेरा अफगानिस्‍तान की पूर्व पुलिस कर्मी हैं. तालिबान ने पिछले साल अक्टूबर में उस समय उन्‍हें बुरी तरह पीटा था जब वह दो महीने की गर्भवती थीं. काम से घर वापस जाने पर उन्हें तीन तालिबान लड़ाकों ने रोक दिया था. उन्होंने पहले उनकी आईडी की जांच की, फिर उन्हें कई बार गोली मारी. उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में आठ गोलियां लगीं और कई जगह चाकू से वार किए गए. जब वह होश में आईं तो तालिबान ने उनकी आंखों में चाकुओं से वार किया और मरने के लिए छोड़ दिया.

खतेरा का कहना है, ‘वे (तालिबान) पहले हमें (महिलाओं को) प्रताड़ित करते हैं और फिर सजा के नमूने के रूप में दिखाने के लिए हमारे शरीर को छोड़ देते हैं. कभी-कभी हमारे शरीर को कुत्तों को खिलाया जाता है. मैं भाग्यशाली थी कि मैं इससे बच गई.’

पिछले एक हफ्ते में दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में कस्तूरबा निकेतन ने अपनी नियमित हलचल खो दी है. अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों से बसे इस इलाके की चमक लगातार डर के कारण खत्म हो गई है. अब यहां सिर्फ तनाव है. रविवार को यहां से लोग अफगानिस्‍तान में मौजूद अपने लोगों से बातचीत करने के लिए फोन कॉल करते रहे. लेकिन सफलता नहीं मिली.

दिल दहला देने वाली घटना को याद करते हुए खतेरा ने कहा कि उनके लिए इलाज के लिए काबुल और फिर दिल्ली जाना संभव था क्योंकि उनके पास इसके लिए पैसे थे. ऐसा भाग्य सभी के लिए उपलब्ध नहीं है. महिलाएं और जो कोई भी तालिबान का विरोध करता है, वह सड़कों पर मर जाता है.

खतेरा ने कहा, ‘तालिबान महिलाओं को पुरुष डॉक्टरों के पास जाने की अनुमति नहीं देता है और साथ ही महिलाओं को पढ़ने और काम करने नहीं देता है. तो फिर एक महिला के लिए क्या बचा है? मरने के लिए छोड़ दिया? भले ही आपको लगता है कि हम सिर्फ प्रजनन मशीन हैं, कोई सामान्य ज्ञान नहीं है बल्कि शुद्ध नफरत है. बिना डॉक्‍टरी देखभाल के इन पुरुषों के हुक्म के अनुसार बंदूकों के बीच एक महिला अपने बच्चे को कैसे जन्म देती है.’ (यह खबर अंग्रेजी का अनुवाद है. इसे पूरा पढ़ने के लिए यहां CLICK करें.)

Related Articles

75 वर्षीय बृद्धा का हत्यारा नातू गिरफ्तार

7 साल बाद पुलिस ने जाल में फंसाया मुंबई। पवई पुलिस की हद में 7 साल पहले हुई एक...

जीकेसी पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने मनायी डा. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती

पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास...

इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से विभूतियों को मिला डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान

पटना। इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान समारोह...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

75 वर्षीय बृद्धा का हत्यारा नातू गिरफ्तार

7 साल बाद पुलिस ने जाल में फंसाया मुंबई। पवई पुलिस की हद में 7 साल पहले हुई एक...

जीकेसी पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने मनायी डा. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती

पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास...

इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से विभूतियों को मिला डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान

पटना। इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान समारोह...

घाटकोपर में क्लीनअप मार्शल द्वारा गांधीगिरी, बिना मास्क के चलने वालों को मास्क व गुलाब देकर किया जनजागरूक

 मुंबई:घाटकोपर: विनामास्क के नागरिकों और सफाई कर्मियों के बीच विवाद अक्सर सामने आते रहे हैं। लेकिन आज घाटकोपर क्षेत्र में सफाई कर्मी...

ट्राम्बे के जाने माने समाजसेवक शब्बीर खान की घर वापसी

भाई जगताप और शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ की मौजूदगी में हुए कांग्रेस में शामिल मुंबई: आने वाले समय में...