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Friday, September 17, 2021

मां-बाप की मौत के बाद बिछड़ गई थीं अनाथ बहनें, साइंस फेयर की फोटो ने फिर से मिलाया

हैदराबाद. ये तीन अनाथ बहनों (Orphan Sisters) की एक ऐसी कहानी है जिसे जानकर आपकी आंखे डबडबा जाएंगी. मां-बाप और दादी की मौत… छोटी बहन का बिछड़ना और फिर सालों बाद तीनों बहनों का एक साथ एक अनाथालय में मिलना. ये कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह है, जिसका एक-एक लम्हा आपको भावुक कर देगा. तीन साल पहले दो बहनों को अनाथालय लाया गया. उन्हें ये पता था कि वो तीन बहनें हैं. लेकिन छोटी बहन का कोई अता-पता नहीं था. आखिरकार एक साइंस फेयर की तस्वीर ने इन्हें फिर से मिला दिया. अब ये तीनों साथ रहते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए हैदराबाद के जिला कल्याण अधिकारी अकेश्वर राव ने कहा कि ये किसी चमत्कार से कम नहीं है. राव ने कहा कि ये लड़कियां अपने पिता के साथ रह रही थीं लेकिन जब तीन साल पहले उनकी मृत्यु हो गई, तो उन्हें अनाथालय में ले जाया गया. बाद में इन दोनों ने अधिकारियों को बताया कि उनकी एक छोटी बहन भी है, जो अपनी दादी के साथ रह रही थी. लेकिन वो कहा थी इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं था.

एक फोटो से हुआ चमत्कार

राव ने आगे कहा, ‘हमारे राज्य के अनाथालयों में, अधिकारी और काउंसिलर कई कार्यक्रम आयोजित करके बच्चों की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं. उनमें से एक इस साल की शुरुआत में आयोजित विज्ञान मेला था. मेले की कुछ तस्वीरें अनाथालयों में बांटी की गईं. जिसके बाद 12 और 14 साल की दो लड़कियों ने अपने केयरटेकर को बताया कि उनमें से कुछ में एक लड़की उनकी खोई हुई बहन की तरह दिखती है.’

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DNA टेस्ट कराया गया

अधिकारियों के मुताबिक दादी के मरने के बाद छोटी बहन सड़कों पर भटकने लगीं. बाद में उसे एक अलग अनाथालय में रखा गया. राव ने कहा, ‘जब हम सबसे छोटी बहन को दो बड़ी बहनों के पास लाए, तो उसने उन्हें नहीं पहचाना. लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि वो उनकी खोई हुई बहन हैं. हमने उन तीनों का डीएनए टेस्ट करने का फैसला किया. रिपोर्ट में इन तीनों के डीएनए मेल खा रहे थे.’

छोटी बच्ची ने नहीं बताया था परिवार के बारे में

बाल कल्याण अधिकारी के मुताबिक पिता की मृत्यु के बाद दो बड़ी बहन भी कुछ समय के लिए अलग रह रही थी. लेकिन अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ये दोनों फिर से मिल गए. राव ने कहा,’जब हमें छोटी बच्ची मिली, तो वो 4-5 साल की थी. हमने उसे अमीनपुर के एक बाल देखभाल संस्थान में भर्ती कराया. अप्रैल 2020 में, उसे अमीरपेट में सरकार द्वारा संचालित सामाजिक कल्याण संस्थान में ट्रांसफर कर दिया गया. लेकिन बच्ची ने अपनी बहन या परिवार के बारे में कुछ नहीं बताया.’

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