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Wednesday, January 19, 2022

9 राज्यों में 50 फीसदी से ज्यादा वयस्कों को लगा पहला डोज, अब फिर धीमा हुआ टीकाकरणः रिपोर्ट

नई दिल्ली. उम्मीद की जा रही थी कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जुलाई के बाद से टीकाकरण (Covid-19 Vaccination) की रफ्तार बढ़ेगी, लेकिन हाल ही में सामने आए अलग संकेत दे रहे हैं. 5 अगस्त को दैनिक टीकाकरण का औसत 56 लाख से ज्यादा था. जबकि, 11 अगस्त को यह आंकड़ा 42.5 लाख पर आ गया है. इधर, अधिकारियों ने संभावना जताई है कि सितंबर से देश में टीका निर्माण में तेजी आएगी, जिसके बाद रोज लगने वाले टीकों का औसत 59 लाख तक पहुंच सकता है.

एक मीडिया रिपोर्ट में आधार कार्ड के डेटा के हवाले से बताया गया कि देश में कुल वयस्क आबादी 93.39 करोड़ है. इनमें से 40.69 करोड़ लोगों को कोविड-19 के खिलाफ पहला डोज लग गया है. आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल प्रदेश टीककारण के मामले में सबसे आगे चल रहा है. रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 77 फीसदी आबादी को पहला डोज लग गया है. यहां कुल टीकाकरण की संख्या 58.8 लाख है.

यूपी-महाराष्ट्र पिछड़े

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 5.55 करोड़ वैक्सीन डोज दिए गए हैं. यहां 31.4% आबादी को पहला और 5.8% को दूसरा डोज लगा है. पहली और दूसरी लहर के दौरान सर्वाधिक प्रभावित कहे जा रहे महाराष्ट्र में 39.8% को पहला और 13.8% जनसंख्या को दूसरा डोज मिल सका है. यहां अब तक 4.77 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं. वैक्सीन लगाने के मामले में दोनों राज्य शीर्ष दो में बने हुए हैं.

यह भी पढ़ें: महाराष्‍ट्र: मुंबई में डेल्टा प्लस वेरिएंट से पहली मौत, संपर्क में आए दो अन्‍य लोग भी पॉजिटिव

केवल तीन राज्यों में 20% से ज्यादा आबादी को मिला दूसरा डोज

रिपोर्ट में जारी आंकड़े बताते हैं कि देश के केवल तीन राज्य ऐसे हैं, जहां 20% से ज्यादा आबादी को वैक्सीन का दूसरा डोज मिला है. इनमें हिमाचल प्रदेश (24.7%), उत्तराखंड (20.1%) और केरल (21.8%) का नाम शामिल है. वहीं, गुजरात में 19.7% और जम्मू-कश्मीर में 18.6% जनसंख्या ने दूसरा डोज प्राप्त किया है. जबकि, मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 10.7%, कर्नाटक में 15.8% है.

छत्तीसगढ़, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, एमपी में 50% से ज्यादा आबादी को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है. वहीं, जम्मू-कशमीर, उत्तराखंड और गुजरात में 60% से ज्यादा आबादी पहला डोज प्राप्त कर चुकी है. हिमाचल प्रदेश के मामले में यह संख्या 77% है. आंकड़ों के अनुसार, देश में 43.6% वयस्क आबादी को पहला डोज लग चुका है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि 60% से ज्यादा वयस्क आबादी का टीका लगा चुके राज्यों में तीसरी लहर का खतरा कम है.

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