31 C
Mumbai
Sunday, December 5, 2021

अफगानिस्तान छोड़ने के बाद अशरफ गनी का पहला बयान- देश को खून-खराबे से बचाने के लिए भागा, अब तालिबान करे रक्षा

काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान के आने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद देश छोड़ दिया. अफगानिस्तान छोड़ तजाकिस्तान पहुंचे अशरफ गनी से सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है. गनी ने लिखा कि खून की बाढ़ को रोकने के लिए उन्हें यही रास्ता सबसे सही लगा. गनी ने कहा कि यह उनके लिए कठिन चुनाव था.

गनी ने लिखा, “आज, मेरे सामने एक कठिन चुनाव आया; मुझे सशस्त्र तालिबान का सामना करना चाहिए जो राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करना चाहता था या प्रिय देश (अफगानिस्तान) को छोड़ना चाहिए जिसकी मैंने पिछले बीस वर्षों की रक्षा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया.” गनी ने लिखा, “अगर अभी भी अनगिनत देशवासी शहीद होते और वे काबुल शहर का विनाश देखते, तो परिणाम इस 60 लाख आबादी वाले शहर में बड़ी मानव आपदा आ जाती.” गनी ने लिखा, “तालिबान ने मुझे हटाया, वे यहां पूरे काबुल और काबुल के लोगों पर हमला करने के लिए आए हैं.”

गनी ने आगे लिखा, “खून की बाढ़ से बचने के लिए मैंने सोचा कि बाहर निकलना ही सबसे अच्छा विकल्प है. तालिबान ने तलवार और बंदूकों का फैसला जीता है और अब वे देशवासियों के सम्मान, धन और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार हैं … इतिहास में कभी भी सूखी शक्ति ने किसी को वैधता नहीं दी है और यह उनके लिए नहीं देंगे.”

राष्ट्रपति भवन पर तालिबान का कब्जा

गौरतलब है कि अल-जजीरा न्यूज नेटवर्क पर प्रसारित वीडियो फुटेज के अनुसार, तालिबान लड़ाकों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है.

तालिबान के लड़ाके रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में घुस गये और केंद्रीय सरकार से बेशर्त आत्मसमर्पण करने को कहा है. वहीं, अफगान और विदेशी नागरिकों के युद्धग्रस्त देश से निकलने की होड़ लग गई है. इस बीच, चौतरफा घिरी केंद्रीय सरकार को अंतरिम प्रशासन की उम्मीद है, लेकिन उसके पास विकल्प कम होते जा रहे हैं.

नागरिकों को डर है कि तालिबान सरकार फिर से क्रूर शासन लागू कर सकती है, जिससे महिलाओं के सभी अधिकार खत्म हो जाएंगे. लोग बैंकों में जमा अपने जीवनभर की कमाई निकालने के लिए एटीएम मशीनों के बाहर खड़े हैं.

हेलीकॉप्टर आसमान में चक्कर लगा रहे हैं. वे कुछ अमेरिकी दूतावास से कर्मचारियों को निकालते देखे गये. कई अन्य दूतावास भी अपने कर्मचारियों को स्वदेश भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

Related Articles

75 वर्षीय बृद्धा का हत्यारा नातू गिरफ्तार

7 साल बाद पुलिस ने जाल में फंसाया मुंबई। पवई पुलिस की हद में 7 साल पहले हुई एक...

जीकेसी पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने मनायी डा. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती

पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास...

इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से विभूतियों को मिला डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान

पटना। इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान समारोह...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

75 वर्षीय बृद्धा का हत्यारा नातू गिरफ्तार

7 साल बाद पुलिस ने जाल में फंसाया मुंबई। पवई पुलिस की हद में 7 साल पहले हुई एक...

जीकेसी पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने मनायी डा. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती

पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) पटना जिला युवा प्रकोष्ठ ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास...

इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से विभूतियों को मिला डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान

पटना। इमेजिका वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति सम्मान समारोह...

घाटकोपर में क्लीनअप मार्शल द्वारा गांधीगिरी, बिना मास्क के चलने वालों को मास्क व गुलाब देकर किया जनजागरूक

 मुंबई:घाटकोपर: विनामास्क के नागरिकों और सफाई कर्मियों के बीच विवाद अक्सर सामने आते रहे हैं। लेकिन आज घाटकोपर क्षेत्र में सफाई कर्मी...

ट्राम्बे के जाने माने समाजसेवक शब्बीर खान की घर वापसी

भाई जगताप और शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ की मौजूदगी में हुए कांग्रेस में शामिल मुंबई: आने वाले समय में...