29 C
Mumbai
Friday, October 22, 2021

कोरोना टीके के एक जैसे डोज से बेहतर है दो अलग-अलग टीके लगवाना: स्‍टडी

पुणे. भारत में कोविड-19 के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली दो अहम वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के मिश्रण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है. आईसीएमआर के एक अध्ययन के मुताबिक ये मिश्रण सुरक्षित भी है और बेहतर इम्युनिटी भी प्रदान करता है. ये दोनों वैक्सिन अलग प्लेटफॉर्म पर तैयार की जाती है जैसे कोविशील्ड एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर तैयार होती है वहीं कोवैक्सीन में निष्क्रिय वायरस के ज़रिये वैक्सीन बनाई जाती है. दुनियाभर में इस बात को लेकर अध्ययन चल रहा है कि एक ही वैक्सीन के दो डोज ज्यादा असरदार होते हैं या अलग-अलग वैक्सीन का मिश्रण ज्यादा अच्छा असर दिखाता है.

विशेषज्ञ सावधान करते हुए कहते हैं कि दो अलग-अलग वैक्‍सीन के मिश्रण के इस्‍तेमाल को लेकर अभी सीमित अध्‍ययन हुुुआ है. अभी मिश्रण के इस्‍तेमाल को लेकर कुछ भी कहना सही नहीं होगा. यह भी जानना जरूरी है कि दो अलग-अलग वैक्‍सीन को यूं ही नहीं दिया जाना चाहिए नहीं तो परिणाम विपरीत भी हो सकते हैं.

इस अध्ययन का विचार, एक गलती से आया, दरअसल मई में, उत्तरप्रदेश के 18 ग्रामीणों को कोविशील्ड लगने के 6 हफ्ते के बाद गलती से कोवैक्सीन का डोज दे दिया गया था. इन 18 ग्रामीणों का तुलनात्मक अध्ययन 40 ऐसे लोग जिन्हें कोविशील्ड लगा है और 40 ऐसे जिन्हें कोवैक्सीन लगाया गया था, के साथ किया गया. अध्ययन से सामने आया है कि एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर बनी वैक्सीन और निष्क्रिय वायरस से तैयार वैक्सीन का मिश्रण जहां सुरक्षित है वहीं यह एक ही वैक्सीन के दो डोज की तुलना में बेहतर इम्युनिटी का प्रदर्शन भी करती है. हालांकि अभी इस अध्ययन की समीक्षा होना बाकी है.

ये भी पढ़ें : किन्नौर हादसे को लेकर PM मोदी ने सीएम जयराम को किया फोन, ITBP बोली- अब भी पहाड़ से गिर रहे हैं पत्थर

आरंभिक डाटा का अध्ययन एक उल्लेखनीय कदम लेकिन

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक, इम्युनोलॉजिस्ट डॉ. विनीता बल का कहना है कि, आईसीएमआर का गलती से दो वैक्सीन लगने वाले लोगों का आरंभिक डाटा का अध्ययन एक उल्लेखनीय कदम है. लेकिन इस पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, इस अध्ययन से मिले परिणाम आरंभिक हैं. और ये परिणाम महज 18 लोगों को लगे मिश्रण के आधार पर आया है. फिलहाल इस पर किसी तरह का कोई भी इम्युनिटी से जुड़ा बयान देना मुश्किल है. हालांकि ये डाटा बताता है कि अलग-अलग वैक्सीन के डोज का मिश्रण एक ही वैक्सीन के दो डोज से बेहतर परिणाम दिखाता है. दूसरे विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि सैद्धांतिक तौर पर भले ही हम इसे लेकर कुछ कह भी सकते हैं लेकिन मिश्रण, एक ही वैक्सीन के दो डोज से बेहतर है या नहीं है इस पर कुछ भी कहना मुश्किल है.

तो क्या वैक्सीन का मिश्रण लगाया जाना चाहिए?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक वैक्सीन के मिश्रण को लेकर अभी सीमित डाटा उपलब्ध है. हालांकि एस्ट्राज़ेनका ने ये प्रस्ताव दिया है कि एम आरएनए वैक्सीन (फाइजर या मॉडर्ना) को दूसरे डोज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी का कहना है कि पहला डोज एस्ट्राज़ेनका वैक्सीन का लगाए जाने के बाद अगर दूसरा डोज उपलब्ध नहीं हो पाता है तो दूसरे डोज के तौर पर एम आरएनए का इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी ने ये प्रस्ताव, वैक्सीन किस तरह काम करती है इस सिद्धांत के आधार पर दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि दवा नियामक केवल उतना ही जानते हैं जितना कंपनी ने उन्हें शोध करके बताया है, और दो वैक्सीन के मिश्रण से जुड़े किसी भी तरह के कोई अध्ययन की जानकारी नहीं मिली है क्योंकि कंपनी किसी दूसरी कंपनी के साथ मिश्रण करने के बजाय अपने ही दोनों डोज बेचना चाहती है. अगर शैक्षणिक स्तर पर इसका अध्ययन किया जाता है तो उसके लिए काफी लंबा वक्त और चाहिए होगा सीमित जानकारी से बड़ा अनुमान नहीं लगाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें : आसमान में बढ़ी भारत की ताकत, 1500 KM रेंज वाली निर्भय क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण

वैक्सीन का मिश्रण कब

कोविड-19 से पहले भी दूसरी वैक्सीन के मिश्रण के अध्ययन में बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं. वैक्सीन प्लेटफॉर्म उनकी एंटीबॉडी और टी-सेल प्रतिक्रिया की क्षमता के आधार पर भिन्न हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक प्लेटफॉर्म एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है तो दूसरा टी-सेल प्रतिक्रिया (उदा. वैक्टर और डीएनए वैक्सीन) को प्रेरित करने वाला प्लेटफॉर्म हो सकता है. ये नीति आमतौर पर वैक्टर आधारित प्लेटफार्म पर इस्तेमाल की जाती है. दो अलग अलग वैक्सीन की नीति पर इससे पहले एचआईवी, मलेरिया, फ्लेविवायरस( डेंगी) एचपीवी, इबोला और इन्फ्लूएंजा पर अध्ययन किया गया है. कोविड-19 के मामले मे दो अलग अलग वैक्सीन की नीति से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और इसका दूसरा लाभ ये भी होगा कि अगर ये सफल होता है तो वैक्सीन को लेकर एक लचीलापन आ जाएगा और इससे देश में लगातार देखने को मिल रहे वैक्सीन के अभाव पर भी काबू किया जा सकता है.

क्या कोविशील्ड और कोवैक्सीन के मेल की नीति काम कर सकती है

आईसीएमआर डाटा बताता है कि दो अलग वैक्सीन, कोवैक्सीन के बूस्ट की वजह से एंटी ए प्रोटीन को बढ़ा सकता है, हालांकि कोविशील्ड और कोवैक्सीन का मेल कितना कारगर है ये जानने के लिए अभी और डाटा की ज़रूरत होगी. मिश्रण को अभी तक इसलिए मंजूरी नहीं दी गई थी क्योंकि इसे लेकर अभी तक कोई भी क्लिनिकिल ट्रायल नहीं किया गया है. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे ही किसी भी प्लेटफॉर्म पर बनी वैक्सीन को लेकर मिश्रित नहीं किया जा सकता है. बल्कि इसे लेकर कई तथ्यों पर विचार किया जाना चाहिए, मसलन इम्यूनिटी से कितनी संबद्ध है, कौन सी वैक्सीन किस तरह का इम्यून रिस्पांस देती है. प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए सही क्रम क्या होगा, दोनों डोज के बीच कितना अंतराल होना चाहिए. इम्यूनिटी कितनी टिकाऊ है.

कहां से हुई शुरुआत

अलग अलग वैक्सीन लगाने का विचार शुरुआत में यूरोप से निकला, जब एस्ट्राजेनका वैक्सीन लगने के बाद कुछ लोगों में खून का थक्का जमने की शिकायत देखने को मिली तो दूसरा डोज अलग प्लेटफार्म पर बनी वैक्सीन का प्रस्तावित किया गया, कई देशों में युवाओं के लिए ये प्रस्ताव पारित हुआ.

Related Articles

लखनऊ में हुआ “मैं कलाकार हूं” का प्रीमियर शो, चन्द्रभाष सिंह और धर्मेन्द्र कुमार ने की नई पहल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदी शॉर्ट मूवी "मैं कलाकार हूं"का प्रीमियर किया गया। इस शॉर्ट मूवी का निर्माण "विजय बेला...

‘पियवा किसनवा’ ने एक दिन में हासिल किए 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज, चला सबा खान का जलवा

भोजपुरी सिनेमा में अपनी गायकी के दम पर अपनी पहचान बना चुकी शिल्पी राज के फॉलोअर्स करोड़ों की संख्या में हैं। शिल्पी...

पैरावेटनरी वर्कर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिया 45000 रूपए का आर्थिक सहयोग

महाराजगंज। जनपद महाराजगंज दिनांक 20 दस 2021 पैरा वेटरनरी वर्कर संघ उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल स्वर्गीय श्री सीताराम चौधरी (पैरावेट) पशु...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

लखनऊ में हुआ “मैं कलाकार हूं” का प्रीमियर शो, चन्द्रभाष सिंह और धर्मेन्द्र कुमार ने की नई पहल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदी शॉर्ट मूवी "मैं कलाकार हूं"का प्रीमियर किया गया। इस शॉर्ट मूवी का निर्माण "विजय बेला...

‘पियवा किसनवा’ ने एक दिन में हासिल किए 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज, चला सबा खान का जलवा

भोजपुरी सिनेमा में अपनी गायकी के दम पर अपनी पहचान बना चुकी शिल्पी राज के फॉलोअर्स करोड़ों की संख्या में हैं। शिल्पी...

पैरावेटनरी वर्कर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिया 45000 रूपए का आर्थिक सहयोग

महाराजगंज। जनपद महाराजगंज दिनांक 20 दस 2021 पैरा वेटरनरी वर्कर संघ उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल स्वर्गीय श्री सीताराम चौधरी (पैरावेट) पशु...

भावुक करने वाली है यश कुमार की फिल्‍म ‘बिटिया छठी माई के 2’ का ट्रेलर

कथा प्रधान फिल्‍मों को लेकर आने वाले यूनिक एक्‍शन स्‍टार यश कुमार की फिल्‍म ‘बिटिया छठी माई के 2’ का ट्रेलर रिलीज...

बड़ी खबर: मुंबई में फैली दहशत, 60 मंजिला इमारत में भीषण आग… तेजी से फैलती जा रही

मुंबई। महाराष्ट्र स्थित मुंबई से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है| मुंबई में दहशत का माहौल पैदा हो गया है|...