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Wednesday, January 19, 2022

Taste of Jhansi:झांसी की समोसे वाली गली में समोसे और कढ़ी के मिश्रण का स्वाद लोगों को बनाता है दीवाना

झांसी में खाने-पीने के शौकीनों के लिए वैसे तो कई पते हैं, पर इन सब में सबसे खास है समोसे वाली गली.सैयर गेट के बाहर स्थित इस गली में समोसे की कई दुकानें हैं.लेकिन सभी दुकानों का नाम एक ही है.यह नाम है ’दाऊ के समोसे’. समोसे के इन दुकानों पर दिन भर भारी भीड़ लगी रहती है.सिर्फ झांसी ही नहीं बल्कि आस पास के जिलों के लोग भी यहां समोसे खाने आते हैं. दाऊ के समोसे अपने अनोखे स्वाद और स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं.



3 दशक से भी पुरानी है दुकान



दाऊ के समोसे की शुरुआत 1963 में मदन मोहन यादव ने की थी, जिन्हें लोग ’दाऊ’ के नाम से जानते थे.एक छोटी सी झोपड़ी से शुरू हुई यह दुकान,आज एक ब्रांड है.मदन मोहन के बाद उनके बेटे अशोक यादव ने इस दुकान को चलाया और आज अमन यादव इस दुकान पर बैठते हैं.अमन ने हमें बताया कि इस दुकान के नाम का रजिस्ट्रेशन 1970 में हुआ था. उन्होंने बताया कि झांसी जिले का हर बड़ा नागरिक चाहे वह विधायक हो या सांसद या मंत्री, यहां समोसे खाने जरूर आता है. झांसी महोत्सव की शुरुआत में भी प्रशासन के अनुरोध पर दाऊ के समोसे का स्टॉल लगाया जाता था. अमन ने बताया कि यहां समोसा कढ़ी के साथ दिया जाता है जो उत्तर प्रदेश में शायद ही कहीं और दिया जाता हो. समोसा और कढ़ी को एक साथ परोसने का आइडिया दुकान के संस्थापक मदन मोहन यादव का ही था.



अन्य जायकों का भी ले सकते हैं स्वाद

इस दुकान पर आने वाले ग्राहक ना सिर्फ समोसों का, बल्कि ब्रेड पकोड़े, आलू बंडा और कचौड़ी जैसे पकवानों का भी स्वाद ले सकते हैं।अगर आप मीठे के शौकीन हैं तो आपको यहां गुलाब जामुन और लड्डू भी मिल सकते हैं. दुकान पर समोसे का लुफ्त ले रहे एक ग्राहक ने बताया कि वह पिछले 6 सालों से यहां कढ़ी समोसा खाने आ रहे हैं.उन्होंने बताया की स्वाद और स्वच्छता ही उन्हें यहां खींच ले आती है.

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