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Wednesday, January 19, 2022

भारतीयों के लिए ब्रिटेन के 'क्वारंटाइन नियमों' की वजह कोविन ऐप नहीं: RS शर्मा

नई दिल्ली. भारत के कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट (Vaccination Certificate) को ब्रिटेन में स्वीकार करने को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है. अगर भारत का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट मान्य हो जाता है तो भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन में दस दिनों का क्वारंटाइन पीरियड नहीं गुजारना पड़ेगा. लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन और कोविन ऐप इंचार्ज आरएस शर्मा (RS Sharma) का कहना है कि कोविन ऐप और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को लेकर कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान भी ब्रिटेन ने इसे लेकर सवाल नहीं खड़े किए हैं. आरएस शर्मा की ब्रिटिश हाईकमिश्नर एलेक्स एलिस के साथ दो दिन पहले मुलाकात हुई थी.

आरएस शर्मा ने हिदुस्तान टाइम्स से हुई बातचीत में साफ किया है कि ब्रिटेन की तरफ से भारत के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और कोविन ऐप को लेकर किसी तरह का सवाल नहीं उठाया गया है. हालांकि जब शर्मा से पूछा गया कि सर्टिफिकेट या कोविन ऐप को लेकर कोई दिक्कत नहीं है तो ब्रिटेन मान्यता क्यों नहीं दे रहा तो उन्होंने कहा-ये एक बड़ा मुद्दा है. लेकिन कोविन प्लेटफॉर्म का इनचार्ज होने के नाते में कह सकता हूं कि ऐप और सर्टिफिकेट को लेकर कोई समस्या नहीं है.

दरअसल भारत लगातार ब्रिटेन पर कोविशील्ड को मान्यता देने को लेकर दबाव बना रहा था. भारतीय दबाव के बाद ब्रिटेन ने कोविशील्ड को तो मान्यता दे दी है लेकिन कोविन ऐप और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को नहीं. 4 अक्टूबर से ब्रिटेन के नए नियमों के मुताबिक कोविशील्ड से वैक्सीनेशन करवा चुके भारतीय लोग यूके जा तो सकेंगे लेकिन उन्हें दस दिनों तक क्वारंटाइन रहना होगा. भारत ने इस नियम पर भी सवाल उठाए हैं.

क्या बोले ब्रिटिश हाई कमिश्नर

जिस दिन ब्रिटेन ने कोविशील्ड को मंजूरी दी थी उसी दिन भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने भी इस संबंध में ट्वीट किया था. उन्होंने कहा- कोविशील्ड को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है. ब्रिटेन यात्रा के लिए खुला है और बड़ी संख्या में लोग भारत से यूके जा भी रहे हैं. फिर चाहे वो टूरिस्ट हों या व्यवसायी या फिर छात्र. इस साल जून तक 62500 छात्रों को वीजा दिया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा है. हम यात्रा की प्रक्रिया को जितना संभव हो आसान बनाना चाहते हैं. हमारी सर्टिफिकेशन के मुद्दे पर कोविन ऐप और NHS app दोनों के निर्माताओं से विस्तृत बातचीत हो रही है. काफी तेजी से ये सुनिश्चित करने की कोशिश हो रही है कि दोनों देश एक दूसरे के जरिए जारी वैक्सीन सर्टिफिकेट को स्वीकार करें.

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