26 C
Mumbai
Friday, January 28, 2022

गुजरात, बिहार सहित 7 राज्यों ने क्यों पीएम फसल बीमा योजना से खींचा अपना नाम; संसदीय समिति ने केंद्र से पूछा

नई दिल्ली. देश के सात राज्यों ने जिसमें भाजपा शासित गुजरात और बिहार भी शामिल हैं, पीएम फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) से अपना नाम वापस ले लिया है. इसके पीछ की वजह जानने के लिए संसदीय समिति ने केंद्र से सवाल पूछा कि आखिर क्यों देश के सात बड़े राज्यों ने इस योजना से अपना नाम वापस लेने का फैसला लिया है. समिति ने ये सवाल भी पूछा है कि क्या ये पीएम फसल बीमा योजना की अलोकप्रियता है या योजना में कोई बड़ी खामी रह गई है.

संसद में आई रिपोर्ट से पता चलता है कि 2016 में योजना के लागू होने के बाद से ही पंजाब कभी भी इसमें शामिल नहीं हुआ, वहीं बिहार और बंगाल ने 2018 और 2019 में अपना नाम वापस ले लिया था. इसी तरह आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना और झारखंड ने भी 2020 में योजना में शामिल होना नामंजूर कर दिया. केंद्र ने इसके विरोध में तर्क देते हुए बताया कि सात राज्यों को छोड़ भी दें, तो योजना में किसानों के प्रार्थना पत्रों में इज़ाफा हुआ है और जहां 2015-16 में इनकी संख्या 4.95 करोड़ थी, वहीं 2019-20 में ये संख्या बढ़कर 6.08 तक पहुंच गई है जो इस योजना की प्रसिद्धि और सफलता को ज़ाहिर करता है.

केंद्र ने बताया कि राज्य सरकारों की आर्थिक बाधाएं और सामान्य मौसम के दौरान कम दावा अनुपात इस योजना को वापस लेने के पीछे की बड़ी वजह है. हालांकि नाम वापस लेने वाले ज्यादातर राज्य खुद की योजना लागू कर रहे हैं. समिति का मानना है कि योजना से नाम वापस लेना या उसे चालू नहीं रखने से इस योजना को जिस उद्देश्य के साथ शुरू किया था, वो पूरा नहीं हो पाएगा.

सरकार का कहना है कि 2019 में खरीफ फसल के दौरान 4.4 करोड़ किसानों के प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, वहीं 2020 में खरीफ फसल के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड और गुजरात के योजना को क्रियान्वित नहीं करने की वजह से यह संख्या 4.27 करोड़ रही. हालांकि बाकी के 17 राज्यों ने 2019 और 2020 में खरीफ फसल में योजना का क्रियान्वयन जारी रखा और इसलिए 2019 में 3.58 करोड़ प्रार्थना पत्रों में इज़ाफा हुआ और इसके साथ संख्या 4.27 करोड़ पहुंची. 2020 से यह योजना किसानों के लिए स्वैच्छिक कर दी गई है. इसमें किसानों को प्रीमियम का महज़ 1.5 से 5 फीसद चुकाना होता है, बाकी धनराशि राज्य सरकार और केंद्र आधा-आधा वहन करती है.

प्रीमियम की अनिवार्य कटौती नहीं

समिति ने पीएम फसल बीमा योजना के एक प्रावधान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे कर्जदार किसान जो इस योजना में नहीं जुड़े रहना चाहते हैं वो संबंधित बैंक शाखा में जानकारी देकर योजना से साल में किसी भी वक्त बाहर निकल सकते हैं, बस उन्हें इसके लिए संबंधित मौसम के किसानों के नामांकन से एक हफ्ते पहले इत्तिला करना होगा, ऐसा नहीं करने पर उनकी प्रीमियम राशि योजना के वर्तमान नियम के मुताबिक कट जाएगी.

समिति का कहना है कि भले ही किसानों के पास योजना से बाहर निकलने का प्रावधान है, लेकिन किसान इस जानकारी से अनभिज्ञ होते हैं और उनके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं. समीति ने इसलिए विभाग से इस प्रावधान को बदलने की सिफारिश की है.

Related Articles

तिलक नगर पुलिस के निर्भया पथक ने आठ साल के बच्चे को उसके परिजनों से मिलाया

मुंबई। चेंबूर अमर पुल के नीचे परेशान हैरान अकेला इधर उधर भटक रहे एक आठ साले बच्चे को अपने कब्जे में लेकर...

उन्नाव रोड पर रोमांस करते वायरल हुआ पाखी हेगड़े और विक्रांत सिंह राजपूत की तस्वीरें

उन्नाव में चल रही है मनोज टाइगर निर्देशित फ़िल्म 'मझधार' की शूटिंग भोजपुरी सिनेमा के फिटेनस आइकॉन विक्रांत सिंह...

घाटकोपर निवासी एएसआई को राष्ट्रपति पुरस्कार

रवि निषाद/मुंबई। मुंबई के तिलकनगर पुलिस थाने में कार्यरत घाटकोपर निवासी एएसआई लहुजी राउत को उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यो के...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

तिलक नगर पुलिस के निर्भया पथक ने आठ साल के बच्चे को उसके परिजनों से मिलाया

मुंबई। चेंबूर अमर पुल के नीचे परेशान हैरान अकेला इधर उधर भटक रहे एक आठ साले बच्चे को अपने कब्जे में लेकर...

उन्नाव रोड पर रोमांस करते वायरल हुआ पाखी हेगड़े और विक्रांत सिंह राजपूत की तस्वीरें

उन्नाव में चल रही है मनोज टाइगर निर्देशित फ़िल्म 'मझधार' की शूटिंग भोजपुरी सिनेमा के फिटेनस आइकॉन विक्रांत सिंह...

घाटकोपर निवासी एएसआई को राष्ट्रपति पुरस्कार

रवि निषाद/मुंबई। मुंबई के तिलकनगर पुलिस थाने में कार्यरत घाटकोपर निवासी एएसआई लहुजी राउत को उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यो के...

कोरोनाकाल के बावजूद भी इस पत्रिका के स्थापना दिवस समारोह में नहीं रही कोई हर्षोल्लास की कमी, गूगल मीट पर आयोजन संपन्न

By:R.B.S parmar पटना। सामायिक परिवेश हिंदी पत्रिका का स्थापना दिवस समारोह का ऑनलाईन आयोजन दिनांक 27जनवरी 2022 को संध्या...

celebrating Azadi ka Amrit Mahotsav For empowering women IEA Book of World Record Award से कहां की महिलाकर्मी इस बार हुई सम्मानित,जानें यहाँ…

By:R.B.Singh Parmar मुंबई । महानगर के मुलुंड पश्चिम से संचालित (IEA Book of World Records) International Excellence Award में...