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Wednesday, January 19, 2022

लोकसभा में लागू होंगे कठोर नियम? नियम समिति की बैठक बुला सकते हैं स्पीकर ओम बिरला

नई दिल्ली. लोकसभा (Loksabha) अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) सदन के नियम समिति की बैठक बुला सकते हैं. बुधवार को लोकसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session) के समापन के बाद एक प्रेस वार्ता के दौरान बिरला ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा वह संसद में हंगामे से व्यथित हैं. जल्द ही लोकसभा की नियम समिति की बैठक बुलाएंगे ताकि सदन चलाने के लिये सभी दलों से बात किया जा सके. साथ ही नियमों का पालन हो और संसद चले. प्रेस वार्ता में बिरला ने कहा कि सदन सामूहिकता से चलता है और सदन चलाना सबकी जिम्मेदारी है.

बिरला ने कहा कि अपेक्षा के अनुरूप सदन में कामकाज नहीं हुआ और इसका उन्हें दुःख है. बिरला ने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि ज्यादा कामकाज हो. विधायी कार्य हो और जनता से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हो, लेकिन लगातार गतिरोध हुआ और खत्म नहीं हो सका. संसद में विपक्ष के सांसदों की तरफ से तख्तियों के इस्तेमाल पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि ये सदन की परंपरा के अनुरूप नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिये.

अगले साल 15 अगस्त से पहले बन सकती हैं संसद- बिरला

बिरला ने बताया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में 17 बैठकें हुई और 21 घंटे 14 मिनट सदन चली. हंगामे के कारण तय 96 घंटे में से 74 घंटे और 46 मिनट काम नहीं हुआ. इस दौरान कुल 20 विधेयक लोकसभा में पारित हुए. इसके साथ ही बिरला ने बुधवार को कहा कि यह प्रयास किया जाएगा कि आजादी के 75 साल पूरा होने के मौके पर अगले वर्ष 15 अगस्त से पहले नये संसद भवन का निर्माण पूरा हो जाए. बिरला ने मॉनसून सत्र के लिए लोकसभा की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह टिप्पणी की.

उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘हम कोशिश करेंगे कि (अगले साल) 15 अगस्त से पहले नये भवन का निर्माण हो जाए और हम संसद के नये भवन में आजादी का यह पर्व मनाएं.’

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