30 C
Mumbai
Wednesday, January 19, 2022

कई अफगानों की मौत का जिम्मेदार आतंकी बना काबुल यूनिवर्सिटी का VC, अलकायदा और लश्कर से भी है अच्छा रिश्ता

नई दिल्ली. सिराजुद्दीन हक़्क़ानी समेत जिस तालिबान सरकार के कई मंत्री अमेरिका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में हो, उससे और क्या ही उम्मीद की जा सकती है. तालिबान की सरकार में हक़्क़ानी नेटवर्क का दबदबा है और हक़्क़ानी नेटवर्क ISI के हाथों की कठपुतली है. लिहाज़ा एक साजिश के तहत हक़्क़ानी नेटवर्क के एक सदस्य और ISI के गुर्गे को काबुल यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर (VC) बनाया गया है.

सीनियर काउंटर टेरर एक्सपर्ट डॉक्टर ऋतुराज माटे के मुताबिक “काबुल यूनिवर्सिटी को एक रेडिकल सेंटर में तब्दील करने,अफ़ग़ानिस्तान के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उनका ब्रेनवॉश करने के मक़सद से तालिबान ने हक़्क़ानी नेटवर्क के एक खास सदस्य को काबुल यूनिवर्सिटी का वाईस चांसलर बनाया है.”

अफगानिस्तान में बच्चे बेचने को मजबूर गरीब परिवार, मार्केट में लगा रहे बोली, VIDEO वायरल

इस शख्स का नाम अशरफ़ ग़ैरत है. इसकी उम्र 45 साल के करीब बताई जाती है. सैकड़ों स्टिकी बम/मेग्नेटिक IED के इस्तेमाल के जरिए इस शख्स को अफगानिस्तान के कई पढ़े लिखे युवाओं की जान लेने का जिम्मेदार माना जाता है. अशरफ़ ग़ैरत के पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी ISI, अल कायदा, लश्कर ए तैय्यबा और आर्मी ऑफ मोहम्मद से अच्छे रिश्ते हैं.

अफगानिस्तान में बिगड़े हालात, तालिबान ने शख्स को पब्लिकली मारकर लटकाया, VIDEO वायरल

अशरफ को VC बनाने के पीछे तालिबान का मकसद काबुल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आये स्टूडेंट्स का ब्रेनवॉश करना है, ताकि वो यहां से वापस अपने देश जाकर वहां की सरकार को चुनौती दे सकें.

अफगानिस्तान में जिस तरह से हालात लगातार बदल रहे हैं, उससे ये साफ हो चुका है कि हक़्क़ानी नेटवर्क भी अल कायदा और ISIS जैसे आतंकी संगठनों की तरह ही Global Khalifate बनाना चाहता है और अशरफ़ ग़ैरत जैसे लोगों को इसी मक़सद से शिक्षण संस्थानों की कमान सौंपी जा रही है.

Related Articles

बाइक चोर का आरोपी निकला मोबाइल चोर

रवि निषाद/मुंबई। पंतनगर पुलिस की हद से चोरी हुए एक पल्सर 220 बाइक के आरोपी को पुलिस ने करीब एक साल बाद...

घाटकोपर के फुटपाथ हुए फेरी वालो के कब्जे में

बिना परवाना धड़ल्ले से चल रहे अवैध धंधे मुंबई। मनपा एन विभाग का फेरीवालों का उड़नदस्ता मतलब चोर गाडी...

राजस्थान के इस सरकारी अस्पताल में नवजातों और प्रसूताओं पर दौड़ते हैं चूहे, काट लेते हैं अंगुली

Sirohi latest news: कोरोना महामारी के बीच सिरोही के जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में चूहों ने आतंक मचा रखा है. जनाना अस्पताल के प्रसूती वार्ड में इन चूहों को प्रसूताओं और नवजातों के ऊपर दौड़ते हुये देखा जा सकता है. कोरोना प्रोटोकॉल की पालना का दावा करने वाले इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का ऐसा आलम है कि यहां आने वाला मरीज यहां ठीक होने की बजाय और बीमार हो जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,042FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

बाइक चोर का आरोपी निकला मोबाइल चोर

रवि निषाद/मुंबई। पंतनगर पुलिस की हद से चोरी हुए एक पल्सर 220 बाइक के आरोपी को पुलिस ने करीब एक साल बाद...

घाटकोपर के फुटपाथ हुए फेरी वालो के कब्जे में

बिना परवाना धड़ल्ले से चल रहे अवैध धंधे मुंबई। मनपा एन विभाग का फेरीवालों का उड़नदस्ता मतलब चोर गाडी...

राजस्थान के इस सरकारी अस्पताल में नवजातों और प्रसूताओं पर दौड़ते हैं चूहे, काट लेते हैं अंगुली

Sirohi latest news: कोरोना महामारी के बीच सिरोही के जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में चूहों ने आतंक मचा रखा है. जनाना अस्पताल के प्रसूती वार्ड में इन चूहों को प्रसूताओं और नवजातों के ऊपर दौड़ते हुये देखा जा सकता है. कोरोना प्रोटोकॉल की पालना का दावा करने वाले इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का ऐसा आलम है कि यहां आने वाला मरीज यहां ठीक होने की बजाय और बीमार हो जाता है.

शेयर बाजार में आपकी हेल्प के लिए SEBI ने उतारा अपना सारथी, यूं आएगा आपके काम

Saarthi Mobile App: SEBI ने निवेशकों को शिक्षा देने वाला एक मोबाइल ऐप सारथी (Saa₹thi) लॉन्च किया. यह ऐप युवा निवेशकों को ऐसी-ऐसी जानकारियां देगा, जिससे कि शेयर बाजार में आपका सफर आसान हो जाएगा.

क्या वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर जीवन ढूंढ़ लिया? क्यूरोसिटी को मिले कॉर्बन के संकेत

Scientists find carbon on Red Planet: वैज्ञानिकों ने कहा कि हो सकता है कि बारिश के चलते ये कण सतह पर गिरे और फिर सतह के अंदर मंगल ग्रह की चट्टानों में लंबे समय के लिए सुरक्षित हो गए हों. हालांकि एक और दलील में कहा गया है कि मंगल ग्रह पर मिले कॉर्बन सिग्नेचर अल्ट्रावॉयलेट किरणों और कॉर्बन डाई ऑक्साइड के संपर्क में आने का परिणाम हो सकते हैं, जिसने मंगल ग्रह के वायुमंडल में कॉर्बन पैदा किया हो और फिर ये कण मंगल ग्रह की सतह पर जम गए हों.