मुम्बई। एक ओर जहाँ मुम्बई में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है वहीं मानसून करीब होने के बाद भी पूर्वी उपनगर के बड़े नालों की सफाई अभी तक न करायी गयी। जिसके कारण पिछली बार की तरह इस बार भी उपनगर के अनेक इलाकों में जलजमाव की आशंका जताई जा रही है।               

मिली जानकारी के अनुसार पूर्वी उपनगर के प्रमुख नालों में आने वाले घाटकोपर का लक्ष्मी नगर नाला, सोमैया नाला, नेहरूनगर नाला,देवनार नाला, मानखुर्द का जयहिन्द नगर सोनापुर नाला, चेम्बूर सुबाष नगर नाला, बीएआरसी का नाला और माहुल गांव  के नालों की सफाई का कार्य अभी तक शुरू न किया गया।जबकि पिछली बार की  बरसात में कोरोना के कारण चल रहे लॉकडावून की वजह से  मनपा द्वारा अनेक नालों की साफ सफाई करवायी ही नहीं गयी थी।

जिसके कारण मूसलाधार बरसात में घाटकोपर(पूर्व) के पंतनगर, चेम्बूर सेल कॉलोनी, सिद्दार्थ कॉलोनी,वत्सला ताई नाईक नगर, चेम्बूर वासीनाका ,माहुल गांव, देवनार कॉलोनी और चेम्बूर स्टेशन के समीप के इलाकों में भारी जलजमाव हुआ था । घाटकोपर विकास मंच के अध्यक्ष और विद्याविहार के युवा नेता सुशील गुप्ता ने यह भी बताया कि भारी बारिश के दौरान कुर्ला लोकमान्य तिलक टर्मिनस के ठीक सामने स्थित साबले नगर नाले का पानी ओवरफ्लो होने से यहाँ की रेलवे कॉलोनी, क्रांति नगर और साबले नगर झोपड़पट्टियों में बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ करता है।जिसके कारण यहाँ के लोगों को तीन फीट से ज्यादा पानी के भीतर से जाना पड़ता है लेकिन मनपा की ओर से अभी तक रेलवे कॉलोनी के जलजमाव को रोकने के लिए कोई उचित उपाय नहीं किया गया है।

सुशील गुप्ता ने कहा कि उपनगर के बड़े नालों की सफाई की जिम्मेदारी मनपा के सेंट्रल एजेंसी को ऊपर रहती है।लेकिन आगामी कुछ समय में मुंबई में मानसून करीब आ रहा है उसके बाद भी उपनगर के बड़े नालों की साफ सफाई का कार्य रामभरोसे छोड़ दिया गया है।वहीं असल्फ़ा गांव के जाने माने भाजपा नेता शिवधर तिवारी के अनुसार साकीनाका मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे नाले की सफाई तो कर दी गई है लेकिन कचरा नाले के किनारे छोड़ देने से वही कचरा पुनः नाले में जमा हो रहा है।

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