मुंबई। ग्लोबल इंफॉर्मेशन एवं इन्साइट्स की अग्रणी कंपनी, ट्रांसयूनियन ने आज चेन्नई में अपने मौजूदा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विस्तार के रूप में पुणे में एक नए केंद्र के शुभारंभ की घोषणा की।

यह नया केंद्र ग्लोबल ट्रांसयूनियन एंटरप्राइज को टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराएगा तथा यह चेन्नई में स्थित केंद्र के पूरा के तौर पर कार्य करेगा, जो इनोवेशन को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक कार्य-क्षमता का समुच्चय प्रदान करता है, तथा ग्राहक सेवाओं के क्षेत्र में सफलता के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।

यह नया केंद्र पुणे के यरवदा में नगर रोड पर स्थित है, और इसके बाद ट्रांसयूनियन ने डेटा साइंस एवं एनालिटिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मोबाइल कंप्यूटिंग, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त प्रतिभाशाली लोगों को नियुक्त करने की योजना बनाई है।

इस मौके पर श्री देबाशीष पांडा, वाइस प्रेसिडेंट, ऑपरेशंस, ट्रांसयूनियन, ने कहा, “इस नए केंद्र में निवेश से हमें उत्कृष्ट प्रतिभा वाले लोगों को नियुक्त करने एवं उनकी सेवाओं का लाभ उठाने मैं मदद मिलेगी, जिससे हमारी ग्लोबल एंटरप्राइज के लिए टेक्नोलॉजी एवं बिजनेस ऑपरेशंस की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण संभव होगा।

पुणे का यह केंद्र हमारी व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका में ट्रांसयूनियन के एक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के शुभारंभ का मार्ग प्रशस्त हो गया है।”

2018 में, ट्रांसयूनियन ने चेन्नई में अपने पहले ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना की थी। 20 एसोसिएट्स की एक पायलट टीम से शुरुआत करने वाले इस कंपनी में आज एसोसिएट्स की संख्या 900 से अधिक है।

2020 में, ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंस्टीट्यूट द्वारा चेन्नई कैपेबिलिटी सेंटर को “भारत के शीर्ष 50 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थल”, “महिलाओं के लिए भारत के शीर्ष 50 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थल”, तथा “IT एवं IT-BPM में भारत के शीर्ष 25 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थल” के रूप में प्रमाणित किया गया है।

इस बारे में बताते हुए एरिक हेस, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल ऑपरेशंस, ट्रांसयूनियन, ने कहा, “चेन्नई में हमारे केंद्र की सफलता ने दूसरे बाजारों में अतिरिक्त निवेश की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।

GCCs वास्तव में बुनियादी निवेश है, जो नई क्षमताओं के विकास को प्रोत्साहन देगा, इनोवेशन को सक्षम बनाएगा तथा संगठन की अहमियत में वृद्धि करेगा। अनुकूलतम स्थानों पर अपनी मौजूदगी, केंद्रीकृत कार्य-क्षमता तथा प्रतिभाशाली लोगों के समूह के साथ ग्लोबल ऑपरेटिंग मॉडल को स्थापित करना एवं लागू करना ही ट्रांसयूनियन का विजन है, ताकि पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर प्रसार के साथ-साथ बाजार स्तर पर विशेषज्ञता प्राप्त करते हुए स्वयं को दूसरों से अलग बनाया जा सके।”

नए केंद्र के शुभारंभ पर ट्रांसयूनिअन को शुभकामनाएं देते हुए, NASSCOM के अध्यक्ष, देबजानी घोष ने कहा: “महामारी के इस दौर में ट्रांसयूनियन का यह कदम वाकई स्वागत योग्य है। अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के चेन्नई से पुणे तक विस्तार से संगठन को काफी फायदा होगा, और इस तरह कंपनी प्रतिभाशाली लोगों की सेवाओं का लाभ उठाने, नई क्षमताओं को विकसित करने तथा इनोवेशन को बढ़ावा देने में सक्षम होगी।

भारत आज भी अपने अनुकूल परिवेश की वजह से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना हेतु सबसे पसंदीदा केंद्र बना हुआ है। हमें अपने महान देश में लगातार नए आने वाले GCCs की संख्या में वृद्धि दिखाई दे रही है, जिसकी सबसे प्रमुख वजह यह है कि यहां डोमेन विशेषज्ञता और बाजार की मांग के अनुरूप प्रौद्योगिकी कौशल की उपलब्धता के साथ बेहद प्रतिभाशाली लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here