पश्चिम रेलवे पर कुल 386 आइसोलेशन कोचतैयार किये गये

मुंबई। देश में मौजूदा कोविड के कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में पश्चिम रेलवे द्वारा मानवता की सेवा के लिए अपने सेवित राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में कोविड मरीजों के उपचार के लिए आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए जा रहे है।  इस क्रम में पश्चिम रेलवे द्वारा महाराष्ट्र में नंदुरबार और पालघर स्टेशनों , गुजरात में साबरमती और चांदलोडिया स्टेशनों और मध्य प्रदेश में इंदौर के निकट टीही स्टेशन पर राज्य सरकार की मांग पर आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराये गए है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 386 आइसोलेशन कोच तैयार किये गये हैं जिन में से मुंबई मंडल में 128 आइसोलेशन कोच उपलब्ध है। जिला प्रशासन के अनुरोध पर 21 कोच का एक रेक महाराष्ट्र के पालघर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 3 पर रखा गया है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा लाये गए मरीजों को आइसोलेशन में उपचार हेतु रखा जायेगा। इस संबध में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा 3 मई, 2021 को इन कोचों का जायजा लिया गया। पश्चिम रेलवे द्वारा इन कोचों को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है तथा राज्य शासन द्वारा मरीजों को आने वाले दिनों में भर्ती किया जा सकेगा।

इसके पहले 18 अप्रैल, 2021 से नंदुरबार रेलवे स्टेशन पर कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 21 आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए जा चुके है। 4 मई, 2021 तक नंदुरबार में कुल 97 मरीजों को भर्ती किया गया जिसमें से 66 को डिस्चार्ज किया गया और वर्तमान में इन कोचों में 31 मरीज भर्ती हैं । रतलाम मंडल के अंतर्गत मध्य प्रदेश के इंदौर के निकट भी 30 अप्रैल, 2021 से टीही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर 20 आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए गए हैं। 4 मई, 2021 को टीही में इन कोचों में 15 मरीज भर्ती थे। इसके अतिरिक्त 3 मई, 2021 को गुजरात के अहमदाबाद क्षेत्र में में 19 आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराये गए हैं, इनमें से 13 कोच साबरमती स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर तथा 06 कोच चांदलोडिया में प्लेटफार्म नंबर 02 पर रखे गए हैं।

पालघर में स्थापित 21  आइसोलेशन कोच  के रेक में 378 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। प्रत्येक कोच में 2 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। कोच में साफ़ सफाई का विशेष ध्यान  रखा  गया है। कोच के दोनों ओर खिड़कियों को मच्छर जाली से कवर किया गया है। प्रत्येक मरीज के लिए बेडरोल एवं डस्टबिन उपलब्ध कराये गए है। प्रत्येक कोच में एक बाथ रूम तथा तीन शौचालय उपलब्ध हैं। सभी कोचों में पानी और बिजली की सुविधा दी गई है। गर्मी को देखते हुए कोच के अंदर के तापमान को कम करने के लिए कोच की छत को जूट के कपड़े से कवर किया गया है और उस पर पानी के  छिड़काब की भी व्यवस्था की गयी है। कोविड मरीजों की देखभाल करने वाले डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ के लिए अलग व्यवस्था है।

रेल मंत्रालय कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी पूरी क्षमता से राष्ट्र को संबल प्रदान कर रहा है। अपनी बहु स्तरीय पहल के अंतर्गत रेलवे ने देश के विभिन्न स्थानों पर लगभग 4000 कोविड देखभाल डिब्‍बों को उपलब्ध कराया है जिनकी कुल क्षमता लगभग 64000 बिस्तरों की है। इन आइसोलेशन कोचों को आसानी से स्थानांतरित और भारतीय रेल नेटवर्क पर मांग के स्थानों पर इन्हें तैनात किया जा सकता है।विभिन्न राज्य सरकारों को उनकी मांग के अनुसार आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराये जा रहे है।

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